ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने सशस्त्र बलों को किया सलाम, आतंकवाद पर सख्त संदेश

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए कहा कि एक साल पहले भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन के दौरान अद्वितीय बहादुरी दिखाते हुए देश पर हमला करने वाले आतंकियों को करारा जवाब दिया था।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान ने भारतीय सेनाओं की पेशेवर क्षमता, रणनीतिक तैयारी और तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन समन्वय को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।
उन्होंने आगे कहा कि यह ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयास अब परिणाम दे रहे हैं और इससे देश की सुरक्षा और मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले नेटवर्क के खिलाफ अपने रुख पर पूरी तरह अडिग है।
गृह मंत्री अमित शाह ने दी कड़ी चेतावनी
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति और खुफिया तंत्र की सटीकता का ऐतिहासिक उदाहरण है।
शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह दिन भारतीय सेना की सटीक स्ट्राइक क्षमता और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के प्रदर्शन के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के दोषियों और उनके ठिकानों को सीमा पार जाकर नष्ट किया गया।
गृह मंत्री ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कहीं भी छिप जाएं, भारत की सुरक्षा एजेंसियों और सेना से बच नहीं सकते। उन्होंने सशस्त्र बलों के साहस और बलिदान को भी नमन किया।
ऑपरेशन सिंदूर: एक साल बाद भी प्रभाव कायम
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की थी।
यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इस ऑपरेशन में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने और उनके ढांचों के नष्ट होने की खबरें सामने आई थीं।
इस अभियान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत ने एक नया सुरक्षा सिद्धांत स्थापित किया है—कि देश पर किसी भी आतंकी हमले की भारी कीमत आतंकियों के साथ-साथ उनके संरक्षकों को भी चुकानी होगी, और भारत किसी भी परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा।




