केंद्रीय बजट की तैयारी की तरह हो नीट परीक्षा की गोपनीय तैयारी

० परीक्षा सुधारों की पहल का स्वागत, NTA को और सशक्त बनाने की जरूरत — प्रशांत पांडेय
० 21 जून की परीक्षा हेतु गरीब विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग की मांग
रायपुर। राज्य शिक्षा एवं साक्षरता फोरम के अध्यक्ष श्री प्रशांत कुमार पांडेय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार एवं बदलाव की पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल नीट की तैयारी एवं प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया केंद्रीय बजट की तैयारी की तरह पूर्ण गोपनीय, सुरक्षित एवं हाई सिक्योरिटी वातावरण में होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार केंद्रीय बजट निर्माण से जुड़े अधिकारी एवं विशेषज्ञ कई दिनों तक सुरक्षित और गोपनीय वातावरण में रहकर कार्य करते हैं तथा अंतिम घोषणा तक पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सुरक्षित रखा जाता है, उसी प्रकार नीट परीक्षा की प्रश्नपत्र निर्माण एवं सुरक्षा व्यवस्था भी बनाई जानी चाहिए।
श्री पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तकनीकी, प्रशासनिक एवं साइबर सुरक्षा के स्तर पर और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता एवं विश्वास बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परीक्षा संचालन तक की प्रक्रिया अत्यंत सुरक्षित एवं विश्वसनीय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में पूर्णतः ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली लागू करने से पहले तकनीकी चुनौतियों, इंटरनेट एवं सर्वर संबंधी समस्याओं तथा बढ़ते साइबर अपराधों को गंभीरता से समझना आवश्यक है। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्ण ऑनलाइन परीक्षा के बजाय हाइब्रिड मॉडल पर विचार किया जा सकता है, जिसमें प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से सुरक्षित तरीके से केंद्रों तक भेजे जाएं तथा उत्तर OMR शीट पर ऑफलाइन लिखे जाएं। इससे तकनीकी जोखिम कम होंगे और परीक्षा की निष्पक्षता भी बनी रहेगी।
श्री पांडेय ने यह भी मांग की कि 21 जून को प्रस्तावित नीट परीक्षा हेतु केंद्र एवं राज्य सरकारों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाए, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप देश में ऐसी परीक्षा6 प्रणाली विकसित की जानी चाहिए, जिस पर विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज का विश्वास और अधिक मजबूत हो।





