स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए : लक्ष्मी ध्रुव

धमतरी। सिहावा की पूर्व विधायक डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने छत्तीसगढ़ शासन से जन भावनाओं के अनुरूप जनहित में निर्णय लेते हुए स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को समाप्त कर इसे वैकल्पिक किए जाने की मांग की है श्रीमती ध्रुव ने कहा कि गांव-गांव में जनसंपर्क के दौरान आम नागरिकों, गरीब वर्ग ,मध्यम वर्ग में स्मार्ट मीटर का विरोध देखने को मिल रहा है लोगों का कहना है कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है बिल दुगना आने लगा है जिससे परिवारों का मासिक आर्थिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है महिला वर्ग का कहना है कि महतारी वंदन का पैसा मिल रहा है उसमें और पैसा लगाकर बिजली का बिल चुका रहे हैं कई उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि घर के उपकरण बंद रहने के बावजूद मीटर तेजी से चल रहा है और रीडिंग बढ़ रही है डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने कहा की बिजली विभाग या निजी एजेंसी बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए हैं ।
भूपेश बघेल की सरकार में मजदूर, किसान, मध्यम वर्ग के लोग सभी लोग खुश थे क्यों कि बिजली बिल हाफ का लाभ मिल रहा था अभी के विष्णु देव की सरकार में बिजली बिल दुगना का उपहार मिल रहा है,केंद्र की सरकार और राज्य सरकार लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए जबरदस्ती प्रोत्साहित कर रहे है सोलर पैनल बनाने वाले कंपनिया इनके ही खास लोग हैं किसी तरह से उनको लाभ पहुंचाना है बोल रहे है कि सोलर पैनल लगाने से बिजली बिल कम आयेगा लेकिन सोलर पैनल को उपभोक्ता लोन के रूप में मिलेगा जैसा ही वो लोन को पूरा जमा करेंगे.
तब तक सोलर का बैटरी खत्म हो जाएगा फिर से उपभोक्ता को बैटरी के लिए पैसा की व्यवस्था करना पड़ेगा।सिहावा विधान सभा में रोज बिजली गोल दिन में कई बार रात में कई बार होता है सोलर पैनल लगाने से कोई लाभ भी नहीं मिल सकता सोलर पैनल से बिजली उत्पादन ही हो सकता इससे हमें उजाला नहीं मिल सकता .
डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने कहा कि सरकार को गरीब जनता ,किसान , मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर को हटाया जाए जिससे पहले जैसा कम बिल चुकाना पड़े।





