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MATS University में अंतरराष्ट्रीय अतिथि व्याख्यान: सूर्यनमस्कार को बताया गया समग्र क्रॉस-फिटनेस अभ्यास

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रायपुर। MATS University के फिजिकल एजुकेशन विभाग द्वारा छात्रों में समग्र स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक अंतरराष्ट्रीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के आरंग परिसर में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर Dr. Krzysztof Stec, सहायक प्रोफेसर, Jan Dlugosz University (पोलैंड) ने “सूर्यनमस्कार: एक प्राचीन, सर्वसमावेशी क्रॉस-फिटनेस प्रतिमान” विषय पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने सूर्यनमस्कार के पारंपरिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन के संतुलन का समग्र अभ्यास है। उन्होंने इसके नियमित अभ्यास से होने वाले लाभों—जैसे शक्ति, लचीलापन, सहनशक्ति में वृद्धि, तनाव में कमी और एकाग्रता में सुधार—पर विस्तार से चर्चा की।

व्याख्यान के दौरान Swami Kuvalayananda, Swami Satyananda Saraswati और B. K. S. Iyengar के योग संबंधी अनुसंधानों का उल्लेख करते हुए सूर्यनमस्कार को वैज्ञानिक एवं प्रभावी अभ्यास बताया गया।

सत्र में सूर्यनमस्कार के विभिन्न चरणों, शारीरिक संरचना, श्वसन प्रणाली तथा मानसिक संतुलन पर इसके प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उपवास, शरीर की शुद्धि, मेटाबॉलिज्म और मानसिक एकाग्रता के संबंध में भी जानकारी साझा की गई।

व्यावहारिक लाभों पर चर्चा करते हुए यह बताया गया कि नियमित अभ्यास से शारीरिक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता में सुधार होता है और समग्र स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
Dr. Stec ने यह भी कहा कि भारत की योग परंपरा अत्यंत व्यावहारिक है, जिसका प्रभाव व्यक्ति के शरीर और मन दोनों पर गहराई से पड़ता है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह वैज्ञानिक और व्यवहारिक योग शिक्षा वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सुधार का एक सशक्त माध्यम बन सकती है।

इसके अलावा, Dr. Stec ने छात्रों और संकाय सदस्यों को सूर्यनमस्कार को एक समग्र क्रॉस-फिटनेस अभ्यास के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि यह स्ट्रेचिंग, शक्ति, श्वसन और माइंडफुलनेस को एक ही अभ्यास में समाहित करता है।
सत्र अत्यंत सूचनात्मक और इंटरैक्टिव रहा, जिसमें छात्रों और संकाय सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त किया।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय प्रशासन का विशेष योगदान रहा। माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव, महानिदेशक प्रियेश पगारिया, कुलसचिव गोकुलानंद पांडा, डीन प्रोफेसर पार्विंदर हंसपाल और विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन, सहयोग और शुभकामनाओं से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका।कार्यक्रम इंटरैक्टिव रहा, जिसमें छात्रों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। विश्वविद्यालय प्रशासन के मार्गदर्शन में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।