तीन राज्यों में जबरदस्त मतदान: पुडुचेरी सबसे आगे, असम की सीट पर 94% वोटिंग ने बनाया रिकॉर्ड

इलेक्शन डेस्क।केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। तीनों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में इस बार मतदाताओं का उत्साह देखने लायक रहा और कई जगहों पर रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया।
असम में 126 सीटों पर 85.38%, केरल में 140 सीटों पर 78.03% और पुडुचेरी में 30 सीटों पर सबसे ज्यादा 89.83% मतदान हुआ। हालांकि अंतिम आंकड़े अभी जारी होना बाकी हैं।
असम में इस बार 2021 के मुकाबले ज्यादा मतदान हुआ। पिछले चुनाव में यहां 82.04% वोटिंग हुई थी। इस बार दलागांव में सबसे ज्यादा 94.57% मतदान दर्ज किया गया, जबकि अमरी में सबसे कम 70.40% वोटिंग हुई।
केरल में भी पिछली बार के 74.06% के मुकाबले इस बार अधिक मतदान हुआ। वहीं पुडुचेरी ने दोनों राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा वोटिंग दर्ज की। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, खासकर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी रही।
रोबोट ने किया मतदाताओं का स्वागत
पुडुचेरी में चुनाव आयोग की अनोखी पहल भी देखने को मिली, जहां एक पोलिंग स्टेशन पर रोबोट ने फूल देकर मतदाताओं का स्वागत किया। केंद्र शासित प्रदेश में कुल 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
ईवीएम में कैद हुई 1899 उम्मीदवारों की किस्मत
तीनों क्षेत्रों में कुल 1899 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। इसमें असम में 722, केरल में 863 और पुडुचेरी में 294 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
असम में बहुमत का आंकड़ा 64 है। पिछले 10 वर्षों से यहां भाजपा की सरकार है और हिमंत बिस्वा सरमा इसका प्रमुख चेहरा हैं। वहीं गौरव गोगोई कांग्रेस की ओर से कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
केरल में बहुमत का आंकड़ा 71 है। यहां पिनराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ सरकार है, जबकि यूडीएफ विपक्ष में है। राज्य में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
पुडुचेरी में बहुमत का आंकड़ा 16 है। यहां पिछली बार एनडीए को 16 सीटें मिली थीं और एन रंगास्वामी ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। इस बार भी सत्ता बनाए रखने के लिए एनडीए और विपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।




