#Uncategorized #प्रदेश

वेदांता पावर प्लांट हादसा: मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, 10 मजदूरों की मौत, कई घायल

Advertisement Carousel

सक्ति। जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित Vedanta Limited के पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य तेज़ी से शुरू किए गए, जिससे घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर Amrit Vikas Topno ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
ताजा जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 से अधिक मजदूर घायल हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

कलेक्टर-SP मौके पर पहुंचे, संभाली कमान
हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक Prafull Kumar Thakur तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मौके का जायजा लेते हुए राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाली और आवश्यक निर्देश दिए।

घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया
प्रशासन ने बिना देरी किए एम्बुलेंस, चिकित्सा टीम और अन्य जरूरी संसाधनों को मौके पर भेजा। सभी घायलों को प्राथमिकता के आधार पर नजदीकी अस्पतालों और रायगढ़ के निजी एवं सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
हादसे को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों को हर पहलू की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि, “घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल पहुंचाया गया और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।”

राहत और बचाव कार्य जारी, प्रशासन अलर्ट
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है और सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है।

हादसे में भारी जनहानि
यह हादसा डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित प्लांट में हुआ, जहां अचानक बॉयलर फटने से जोरदार धमाका हुआ और आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। प्रशासन द्वारा राहत और उपचार कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो।