झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय टीम छत्तीसगढ़ पहुंची

० छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के निर्माण कार्यो, आवास आबंटन के प्रचलित नियमों, प्रक्रियाओं तथा अनुबंधों एवं अन्य विषयों का करेगी अध्ययन
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने आज रांची से पहुंची झारखंड राज्य आवास बोर्ड की एक उच्चस्तरीय 06 सदस्यीय अध्ययन दल को अपनी योजनाओं, नीतियों एवं प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 06 सदस्यीय टीम 15 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ में आवासीय योजनाओं, नियमों एवं नवाचार के अध्ययन हेतु प्रवास पर है। इस दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अधिकारियों द्वारा राज्य की आवासीय योजनाओं, संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, विक्रय प्रणाली एवं आई.टी. आधारित प्रक्रियाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रस्तुत की गई। अपर आयुक्त हर्ष कुमार जोशी द्वारा तकनीकी विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्य संपदा अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, सेल्स एवं आईटी सिस्टम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियॉ विस्तार से साझा की। मुख्य लेखा अधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा शुक्ला द्वारा वित्तीय प्रबंधन, उपायुक्त बी.बी. सिंह एवं कार्यपालन अभियंता संदीप साहू ने भी तकनीकी पहलुओं पर अपने अनुभवों एवं कार्यप्रणाली से अध्ययन दल को अवगत कराया।
अध्ययन दल को माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ विष्णु देव साय, मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के कुशल मार्गदर्शन में जनसामान्य आवास की सुविधा हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों एवं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की प्रमुख उपलब्धियों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें मुख्यताः विगत एक वर्ष में 1100 करोड़ की 5145 संपतियों का विक्रय, पुरानी रिक्त संपत्तियों का ओ.टी.एस-।। के अंतर्गत एक वर्ष में 174 करोड़ की 1105 संपत्तियों का विक्रय, हितग्राहियों की सुविधा के लिए आबंटी पोर्टल, ए.आई.चैटबोर्ड की सुविधा, विगत 02 वर्षो में 3050 करोड़ की 78 आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ के साथ ही रि-डेव्हलपमेंट की योजनांतर्गत 7 संपत्तियों का प्रस्ताव शामिल है।
विदित हो कि, झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा वर्ष 2000 के अधिनियम में संशोधन अथवा नवीन कानून के निर्माण के उद्देश्य से इस अध्ययन दल का गठन किया गया है। अध्ययन दल आवासीय क्षेत्रों में हो रहे अवैध व्यावसायिक उपयोग को नियमानुसार “मिश्रित उपयोग” में परिवर्तित करने के पहलुओं का भी अध्ययन कर रही है। इसी क्रम में अध्ययन दल विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर वहां की आवास नीतियों, मास्टर प्लान, आवंटन, विक्रय, नामांतरण एवं पंजीयन संबंधी प्रक्रियाओं का अवलोकन कर रही है।
यहां यह भी उल्लेखनिय है कि, दोनों राज्यों का गठन एक ही वर्ष 2000 में हुआ था, परंतु छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा आवासीय योजनाओं का विस्तार बहुत तेजी से किया गया। जिससे छत्तीसगढ़ में जनसामान्य को पक्का छत किफायती दर पर प्राप्त हो सका।





