रायपुर में MSME भुगतान समाधान पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा भारत सरकार की RAMP योजना के तहत “विलंबित भुगतान समाधान एवं MSME सुगमिकीकरण” विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम 18 और 19 अप्रैल को उद्योग भवन, रायपुर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र में विलंबित भुगतानों की समस्या को कम करना और संबंधित हितधारकों को अधिक सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को MSMED अधिनियम, विलंबित भुगतान से जुड़े विवाद समाधान, वार्ता (Negotiation) और निपटान (Settlement) की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन हमीदा सिद्दीकी, पूर्व उप महाधिवक्ता, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं वर्तमान निदेशक, छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन सेंटर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में कमलेश नंदिनी साहू, कार्यवाहक अध्यक्ष, माइक्रो एवं लघु उद्यम सुगमिकीकरण परिषद (MSEFC) छत्तीसगढ़, के साथ कलवंत गोयल और कौन्तेय जायसवाल भी उपस्थित रहे।
माइक्रो एवं लघु उद्यम सुगमिकीकरण परिषद (MSEFC) राज्य में विलंबित भुगतान और उससे जुड़े विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। RAMP योजना के अंतर्गत MSME ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) प्रणाली को लागू कर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम MSME क्षेत्र को सशक्त बनाने और भुगतान संबंधी समस्याओं के प्रभावी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





