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बीजापुर में शिक्षकों का प्रदर्शन, समर कैंप और गैर-शिक्षकीय कार्य बंद करने की मांग

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बीजापुर। बीजापुर में शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विभिन्न शिक्षक संगठनों ने नव पदस्थ कलेक्टर विश्वदीप का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और समर कैंप, ब्रिज कोर्स एवं अन्य गैर-शिक्षकीय कार्यों को बंद करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने जिला पंचायत CEO और जिला शिक्षा अधिकारी को भी ज्ञापन दिया।

शिक्षकों ने ज्ञापन में बताया कि प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य शासन ने 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया है। साथ ही शिक्षकों का अवकाश भी 1 मई से 16 जून 2026 तक निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत बच्चों को समर कैंप में बुलाकर खेल, योग, डांस जैसी गतिविधियां कराई जा रही हैं और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।

शिक्षकों का कहना है कि यह राज्य शासन के आदेशों की अवहेलना है और भीषण गर्मी में बच्चों एवं शिक्षकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्यों के साथ-साथ बस्तर मुन्ने, स्कूल वेंडे दयाकल और तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे गैर-शिक्षकीय कार्यों में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शिक्षक संगठनों ने आरोप लगाया कि एक ही शिक्षक को कई कार्यों की जिम्मेदारी दी जा रही है, जिससे मानसिक दबाव और कार्यभार बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में दो शिक्षकों की ब्रेन हेमरेज और गर्मी के कारण मृत्यु हो चुकी है, ऐसे में समर कैंप और ब्रिज कोर्स का संचालन चिंताजनक है।

शिक्षकों ने मांग की कि समर कैंप और ब्रिज कोर्स को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं मानी गई तो मामले की शिकायत राज्य संगठन, उच्च अधिकारियों और सचिवालय स्तर पर की जाएगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कामेश्वर दुब्बा, कैलाश रामटेके, राजेश मिश्रा, बृजलाल पूजारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।