स्कोप कॉलेज ऑफ नर्सिंग रायपुर में सेमिनार आयोजित, विकलांगों के उपचार में नर्सिंग की भूमिका पर हुई चर्चा

रायपुर। आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिवस के अवसर पर स्कोप कॉलेज ऑफ नर्सिंग, डूमरतालाब रायपुर में सोमवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का विषय “विकलांगों के उपचार एवं पुनर्वास में नर्सिंग की भूमिका” रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग छात्र-छात्राओं को विकलांग व्यक्तियों की देखभाल, उपचार एवं पुनर्वास में नर्सिंग की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. के. आर. सोनवानी (उप संचालक स्वास्थ्य, छत्तीसगढ़ शासन), विशिष्ट अतिथि अरविंद गेडाम (संयुक्त संचालक, समाज कल्याण विभाग, रायपुर), डॉ. किरण काम्बले (संचालक, स्कोप कॉलेज ऑफ नर्सिंग) तथा मुख्य वक्ता श्रीमती सिमी श्रीवास्तव (पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, आकांक्षा लाइंस इंस्टीट्यूट रायपुर) उपस्थित रहीं।

नर्सिंग प्रशिक्षण में व्यावहारिक कौशल पर जोर
मुख्य अतिथि डॉ. के. आर. सोनवानी ने अपने संबोधन में कहा कि विकलांग व्यक्तियों की आवश्यकताओं को समझने के लिए नर्सिंग शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कृत्रिम अंगों के उपयोग तथा फिजियोथेरेपी में नर्सिंग की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास पर विस्तृत चर्चा
मुख्य वक्ता श्रीमती सिमी श्रीवास्तव ने कहा कि विकलांग व्यक्तियों के पुनर्वास में मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ की सहानुभूतिपूर्ण एवं संवेदनशील भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होती हैं और उनका व्यवहार मरीजों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में नर्सिंग छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपने अनुभव साझा किए। अंत में सभी प्रतिभागियों ने विकलांग व्यक्तियों की सेवा और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य नितिन सोनबेर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन भी उनके द्वारा किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





