नियद नेल्लानार 2.0 से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, सुदूर गांवों तक पहुंचेगा विकास का लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्लानार 2.0” योजना के जरिए अब बस्तर के सुदूर और माओवादी प्रभावित इलाकों में विकास की नई रोशनी पहुंचाई जाएगी। इस अभियान के तहत ग्रामीणों को 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाकर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना है।
मंत्रालय महानदी भवन में शुक्रवार को मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी योजनाओं की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण “नियद नेल्लानार 1.0” के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिलों के सुरक्षा कैंपों के आसपास स्थित गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब दूसरे चरण में योजना का दायरा और बढ़ाया गया है।
नियद नेल्लानार 2.0 के तहत 31 व्यक्तिगत योजनाओं, 14 सामुदायिक सुविधाओं और 10 आवश्यक सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
योजना के अंतर्गत मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड, मुफ्त राशन, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन, पोषण योजनाएं, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
इसके अलावा पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड, श्रम कार्ड, वोटर आईडी, वनाधिकार पत्र, जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र भी बनाए जाएंगे।
सरकार सुदूर वनांचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दे रही है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, राशन दुकानें, सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र, पंचायत भवन, बैंक और नए कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा में योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बस्तर के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है।





