12 लाख का बिल पास करने के लिए मांगी 2 लाख की रिश्वत! ACB ने जनपद CEO, क्लर्क और चपरासी को रंगे हाथ दबोचा

सक्ती। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जनपद पंचायत के एक CEO, क्लर्क और चपरासी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विकास कार्यों के भुगतान का बिल पास करने के बदले ₹2 लाख की घूस मांगी गई थी।
12 लाख रुपये का चेक जारी करने के बदले मांगी गई रिश्वत
ACB सूत्रों के अनुसार, लिमतरा ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत लगभग ₹20 लाख के विकास कार्य स्वीकृत हुए थे। इनमें निर्मला घाट और नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं। योजना के तहत ₹8 लाख का भुगतान पहले ही हो चुका था, जबकि शेष ₹12 लाख का चेक जारी करने के एवज में अधिकारियों ने ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की थी।
सरपंच के बेटे ने की शिकायत
रिश्वत मांगने से परेशान होकर लिमतरा ग्राम पंचायत की सरपंच के बेटे ने बिलासपुर ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि क्लर्क अविनाश ठाकुर, चपरासी लच्छन भानु के माध्यम से ₹1 लाख की पहली किस्त पहले ही ले चुका था।
दूसरी किस्त लेते ही बिछ गया ACB का जाल
15 जून 2026 को शिकायतकर्ता दूसरी किस्त के ₹1 लाख लेकर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि CEO निखिल कश्यप के निर्देश पर क्लर्क अविनाश ठाकुर और चपरासी लच्छन भानु ने रकम स्वीकार की। इसी दौरान सादे कपड़ों में मौजूद ACB टीम ने तीनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
मौके से बरामद हुई रिश्वत की रकम
ACB अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल कश्यप (मुख्य कार्यपालन अधिकारी), अविनाश ठाकुर (क्लर्क) और लच्छन भानु (चपरासी) के रूप में हुई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ACB अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विकास कार्यों में घूसखोरी पर ACB की बड़ी चोट
इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। ACB की इस ट्रैप कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।




