हिमाचल में बारिश का कहर: कांगड़ा में बादल फटा, 18 मकान और स्कूल मलबे में दबे, 150 सड़कें बंद

० रेड अलर्ट के बीच कांगड़ा, मंडी, चंबा और कुल्लू में भारी बारिश; 3 महिलाएं घायल, 9 मवेशियों की मौत, कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच मंगलवार को कांगड़ा, मंडी, चंबा और कुल्लू जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने से बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। चार गांवों में 18 मकान, 9 गोशालाएं और एक प्राथमिक स्कूल मलबे में दब गए, जबकि तीन महिलाएं घायल हो गईं और 9 मवेशियों की मौत हो गई।
प्रशासन के अनुसार शाहपुर उपमंडल के रूलेहड़, बंगार, गढ़गूंन और स्पैड़ा गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। राहत एवं बचाव के लिए SDRF और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई परिवारों को नजदीकी स्कूलों में ठहराया गया है।
किन्नौर जिले में भी गोथांग नाले में बादल फटने से आई बाढ़ का पानी बीआरओ के आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गया। मलबे के कारण किन्नौर-काजा राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 20 घंटे तक बंद रहा, जिसे बाद में बहाल किया गया।
बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में 150 सड़कें, 291 बिजली ट्रांसफार्मर और 91 पेयजल योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। चंबा में भरमौर-पठानकोट हाईवे छह घंटे तक बंद रहा, जबकि मंडी जिले में 36 सड़कें और 170 ट्रांसफार्मर ठप हो गए। कुल्लू में भी 20 सड़कें बंद हैं, जिससे सेब सीजन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। गगल एयरपोर्ट के लिए दिल्ली से आने वाली तीन उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि एक उड़ान देरी से पहुंची।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 22 जुलाई को कांगड़ा और मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
24 घंटे में सर्वाधिक वर्षा (मिमी)
पालमपुर – 136
धर्मशाला – 102
नाहन – 82
पांवटा साहिब – 80
कांगड़ा – 70
धौलाकुआं – 60
मंडी – 33
कुफरी – 28
मनाली – 20





