आवारा कुत्तों पर सख्ती: छत्तीसगढ़ में 34 एबीसी सेंटर, 30 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी

० हाईकोर्ट में सरकार का हलफनामा, रेबीज नियंत्रण के लिए 33.98 करोड़ मंजूर; डॉग शेल्टर, वैक्सीनेशन और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत
बिलासपुर। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापक अभियान शुरू किया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने बिलासपुर हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है।
सरकार ने बताया कि आवारा कुत्तों के प्रबंधन और रेबीज नियंत्रण के लिए 33.98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दिसंबर 2025 तक प्रदेश में जहां केवल 6 एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर संचालित थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 34 हो गई है। वर्तमान में 32 जिलों में एबीसी सेंटर संचालित हैं, जबकि गरियाबंद में नया केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 30,651 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके अलावा 50,362 कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई है और 42,263 कुत्तों का डी-वॉर्मिंग उपचार किया गया है।
सरकार ने यह भी बताया कि प्रदेश में 199 डॉग शेल्टर बनाए गए हैं, जिनमें 4,340 कुत्तों को रखने की क्षमता है। कुत्तों को सुरक्षित पकड़ने के लिए 39 विशेष वाहन, 347 डॉग कैचिंग नेट, 366 केनेल और 827 प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में 2,593 डॉग फीडिंग प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं। वहीं सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 251 संवेदनशील मार्गों पर 644 गश्ती दल, 28 एंबुलेंस और 7 क्रेन तैनात की गई हैं।
सरकार के अनुसार प्रदेश में 51,160 सार्वजनिक संस्थानों, जिनमें 45,918 स्कूल शामिल हैं, की पहचान की गई है। इनमें अधिकांश स्थानों पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा चुके हैं तथा सुरक्षा के लिए सूचना बोर्ड, चारदीवारी, बाड़ और गेट जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।




