पावर कंपनी में सुबोध कुमार सिंह ने किया ध्वजारोहण

० विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दे रहे गति-अध्यक्ष
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह (आई.ए.एस.) ने पॉवर कंपनी मुख्यालय में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने परेड की सलामी ली। सुरक्षा एवं सतर्कता विभाग ने मार्चपास्ट की प्रस्तुति दी। उसमें परेड कमांडर सुरक्षा निरीक्षक प्रभुशरण सिंह के साथ चार प्लाटून ने सहभागिता की। सुरक्षा उपनिरीक्षक ताराचंद बेन के साथ टीम ने बैंड पर सुमधुर राष्ट्रीय गीतों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर प्रबंध निदेशकगण (जनरेशन) एस.के. कटियार (ट्रांसमिशन) राजेश कुमार शुक्ला (डिस्ट्रीब्यूशन) भीम सिंह कंवर, मुख्य अभियंता (मा.सं.) श्रीमती रश्मि वर्मा एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी विंग कमांडर ए. श्री निवास राव विशेष रूप से उपस्थित थे। समारोह का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया।
सुबोध कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऊर्जा किसी भी राष्ट्र के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होती है। ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के महान संकल्प को साकार करने में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के सबल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ राज्य की ऊर्जा अधोसंरचना को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर कार्यरत है।
जनरेशन कंपनी के संयंत्र रहे देश में तीसरे नंबर पर
श्री सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 76.44 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) के साथ 19,403 मिलियन यूनिट विद्युत का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की रिपोर्ट के अनुसार, जनरेशन कंपनी ने देश के सभी राज्य ताप विद्युत गृहों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कोरबा पूर्व स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह ने भी देश में तृतीय स्थान हासिल कर संपूर्ण प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
साढ़े तीन लाख करोड़ के होंगे निवेश
उन्होंने बताया कि भविष्य की विशाल ऊर्जा माँग को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार तथा निजी क्षेत्र के सार्वजनिक व निजी सहभागिता (MoUs) के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक के निवेश का खाका तैयार किया गया है। इस अभूतपूर्व निवेश से राज्य की उत्पादन क्षमता में 32,000 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि होगी। छत्तीसगढ़ न केवल अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं में पूर्णतः आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि सरप्लस पावर के माध्यम से देश के अन्य राज्यों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हुए ‘राष्ट्र के पावर हब’ के रूप में स्थापित होगा। राज्य के इतिहास में पहली बार NTPC के सहयोग से परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) परियोजना स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं, जो प्रदेश को ऊर्जा के स्वच्छ एवं विविध स्रोतों से सशक्त करेगा।
पारेषण कंपनी ने 40 प्रतिशत बढ़ाई एटीसी क्षमता
श्री सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राष्ट्रीय ग्रिड से विद्युत हस्तांतरण क्षमता (अवैलेबल ट्रांसफर कैपेसिटी-ATC) में लगभग 40 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 की 3,536 मेगावाट क्षमता बढ़कर अब 4,930 मेगावाट पहुँच गई है। तकनीकी दक्षता के कारण हमारा ट्रांसमिशन लॉस 3.29 प्रतिशत से घटकर 2.72 प्रतिशत हो गया है। यह CSERC द्वारा निर्धारित 3 प्रतिशत के मानक लक्ष्य से भी बेहतर है। आगामी माँग को पूरा करने के लिए पूंजी निवेश योजना 2026-2030 के तहत 74 नए उपकेंद्रों (400 KV के 8, 220 KV के 21 तथा 132 KV के 41) के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डिस्ट्रीब्यूशन ने की बस्तर में नई रोशनी की पहल
श्री सिंह ने कहा कि शांति और सुरक्षा के इस नए स्वर्णिम दौर में, बस्तर संभाग के शेष 461 ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गाँवों को मुख्य ‘ऑन-ग्रिड’ बिजली नेटवर्क से जोड़ने हेतु 973 करोड़ का विशेष प्रस्ताव स्वीकृत कर कार्य तीव्र गति से प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान’ (M-ऊर्जा) के तहत 48 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 808 करोड़ रुपए की आर्थिक राहत दी गई है। ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ में उपभोक्ताओं को 745 करोड़ रूपए से अधिक की छूट प्रदान की जा रही है। कृषि क्षेत्र की समृद्धि हेतु एक वर्ष में 23,757 नए कृषि पंपों को कनेक्शन दिया गया। अब साढ़े आठ लाख कृषि पंपों को निःशुल्क/रियायती बिजली देने हेतु ₹4,717 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 40,696 नए घरों में रूफटॉप सोलर लगाए गए। अब तक 76,000 घरों में यह संयंत्र स्थापित हो चुके हैं तथा 95,000 अन्य घरों में कार्य प्रगति पर है।
1235 पदों पर होगी भर्ती
सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक पूंजी उसके अधिकारी और कर्मचारी होते हैं। पावर कंपनीज़ की इन सभी उपलब्धियों के मूल में हमारे अभियंताओं, तकनीशियनों, लाइनमैनों और मैदानी अमले का अनवरत परिश्रम निहित है। कर्मचारियों के हित में पदोन्नति प्रक्रियाओं का सरलीकरण कर समयबद्ध पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। पारदर्शिता और कार्यदक्षता बढ़ाने हेतु 1,235 नए पदों पर निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और उपभोक्ता सेवाओं में तेजी आएगी। प्रशासनिक गतिशीलता के लिए सभी मैदानी कार्यालयों में ‘ई-ऑफिस’ (e-Office) व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है, जिससे फाइलों का त्वरित एवं पेपरलेस निस्तारण हो रहा है।
श्री सिंह ने कहा कि बिजली सेवा एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण दायित्व है। हर मौसम और विषम परिस्थितियों में चौबीसों घंटे डटे रहने वाले हमारे फील्ड कर्मचारियों और अभियंताओं के जज़्बे को मैं सलाम करता हूँ। यह स्वतंत्रता दिवस केवल अतीत के गौरवगान का नहीं, बल्कि राष्ट्र एवं प्रदेश के प्रति अपने कर्तव्यों के पुनर्संकल्प का दिन है। उन्होंने कहा कि मुझे दृढ़ विश्वास है कि आपकी निष्ठा, टीम भावना और कठिन परिश्रम के बल पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगी। इस अवसर पर तीनों कंपनियों के कार्यपालक निदेशक, मुख्य अभियंता एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।





