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हॉस्टल से निकला छात्र फिर नहीं लौटा, तालाब में डूबने से मौत; मझारटोला में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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सोनहत (कोरिया)। मझारटोला ग्राम पंचायत में एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। प्राथमिक शाला और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र प्रिंस सिंह की पास के तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

तालाब के गहरे पानी में समाया छात्र

जानकारी के मुताबिक टेंगनी निवासी प्रिंस सिंह, पिता बिजेंद्र सिंह, मझारटोला स्थित प्राथमिक शाला और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। बताया जा रहा है कि वह पास के तालाब की ओर गया था। इसी दौरान गहरे पानी में डूबने से उसकी जान चली गई।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

अगर छात्र कल से लापता था तो निगरानी कहां थी?

इस हादसे ने हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जानकारी सामने आ रही है कि छात्र एक दिन पहले से ही लापता था। ऐसे में सवाल यह है कि हॉस्टल में रहने वाला बच्चा आखिर कब और कैसे परिसर से बाहर निकलकर तालाब तक पहुंच गया?

क्या हॉस्टल में बच्चों की नियमित उपस्थिति दर्ज की जाती थी? क्या अधीक्षक और कर्मचारी बच्चों की आवाजाही पर नजर रखते थे? अगर छात्र के लापता होने की जानकारी पहले ही मिल गई थी, तो उसकी तलाश तत्काल क्यों नहीं की गई?

बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी

तालाब जैसे संवेदनशील स्थान के आसपास हॉस्टल होने के बावजूद बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, यह भी जांच का विषय है। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में दुख के साथ-साथ व्यवस्था को लेकर नाराजगी है।

अब पुलिस जांच के साथ यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और छात्र की सुरक्षा में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई।