17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान; अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी से संचालित करने की तैयारी तेज हो गई है। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसी सिलसिले में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के महापौरों, आयुक्तों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में हुई वर्चुअल बैठक में उप मुख्यमंत्री ने अभियान की गतिविधियों, विभागीय समन्वय, प्रचार-प्रसार, जनभागीदारी और दस्तावेजीकरण को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और सूडा के CEO सुमीत अग्रवाल अहमदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
जनभागीदारी को अभियान का आधार बनाने के निर्देश
अरुण साव ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल सरकारी गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने और विकसित भारत-2047 के संकल्प से लोगों को जोड़ने के लिए प्रभावी गतिविधियां संचालित करने को कहा।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने और अभियान के दौरान किए जाने वाले कार्यक्रमों का प्रभाव जमीन पर दिखाई देने के निर्देश दिए।
फोटो-वीडियो के साथ तैयार होगी हर गतिविधि की डिजिटल कहानी
उप मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए और उससे रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को भी सामने लाया जाना चाहिए। इसके लिए लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों, उपलब्धियों और अनुभवों को रिकॉर्ड कर डिजिटल माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
इन गतिविधियों के जरिए चलेगा अभियान
बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इनमें—
‘आशीर्वाद का दीया’
‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’
‘नमो सेवा गाथा’
‘आंगन का उत्सव’
‘सेवा की कहानी’
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’
‘सेवा ज्योति यात्रा’
‘सेवा—मेरा योगदान’
‘सेवा सेतु अभियान’
‘रंगोली राष्ट्र’
‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’
जैसी गतिविधियां शामिल हैं। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के साथ प्रस्तावित है।
‘सेवा की कहानी’ में दिखेगा योजनाओं का असर
अरुण साव ने ‘सेवा की कहानी’ के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलावों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाए, ताकि दूसरे लोग भी इनसे प्रेरित हो सकें।
वहीं, ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने और योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करने को कहा गया।
स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर
बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ से जुड़ी गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान को व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया जाए।
इसके लिए नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की अगुवाई में नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।
स्वच्छता कार्यों का ‘पहले और बाद’ का रिकॉर्ड तैयार होगा
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर स्पष्ट और प्रभावी बदलाव लाया जा सके। उन्होंने अभियान से पहले और बाद की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने को कहा, ताकि स्वच्छता अभियान के वास्तविक परिणामों को सामने लाया जा सके।
नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
अरुण साव ने अभियान की सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा भावना, जनभागीदारी और विकास के संकल्प को जमीनी बदलाव से जोड़ने वाला प्रभावी माध्यम बने।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर और अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी मौजूद रहे।





