Chhattisgarh News: CM हेल्पलाइन की 2 लाख शिकायतों पर मुख्य सचिव सख्त, बोले- औपचारिकता नहीं, समस्याओं का वास्तविक समाधान करें अधिकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग, भौतिक सत्यापन और निराकरण की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया।
सीएम हेल्पलाइन पर अब तक करीब 2 लाख शिकायतें
मुख्य सचिव विकासशील ने बताया कि राज्य में अब तक सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लगभग दो लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने सभी विभागों को इन शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निपटारे में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान वास्तव में हुआ है या नहीं। इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया।
धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की समीक्षा
बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने और जल जीवन मिशन से जुड़े शेष नीतिगत बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक पहलुओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने और कार्ययोजना को समय पर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। जल उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और विकास परियोजनाओं पर चर्चा
समीक्षा बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति और उससे जुड़े जरूरी विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट के प्रावधानों और पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को अनावश्यक देरी के बिना आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में जल जीवन मिशन, अमृत 2.0, पेंशन और प्रशिक्षण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।
भर्ती के प्रस्ताव समय पर भेजें विभाग
मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रिया के लिए सभी विभागों को अपनी आवश्यकताएं और प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने प्रस्तावों और संबंधित विषयों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करें, ताकि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को इसके अंतर्गत शामिल करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
नवा रायपुर में बनेगा बॉटनिकल गार्डन, जंगल सफारी की सुविधाएं सुधारने पर जोर
बैठक में नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास और बेहतर प्रबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के रखरखाव और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अध्ययन कर उपयोगी पहलुओं को अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बॉटनिकल गार्डन को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। इसके साथ ही जंगल सफारी के संचालन, प्रबंधन और पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में खाद्य, वित्त, जनसंपर्क, आवास एवं पर्यावरण, राजस्व, आपदा प्रबंधन, कौशल विकास, कृषि और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।





