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एंटीबायोटिक के दुरुपयोग के खिलाफ रायपुर में उतरेगा फार्मासिस्ट समुदाय, 31 अक्टूबर को मरीन ड्राइव से निकलेगी जागरूकता रैली

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रायपुर। एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के बढ़ते खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रायपुर में 31 अक्टूबर को विशाल जनजागरूकता रैली निकाली जाएगी। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के तत्वावधान में तथा छत्तीसगढ़ राज्य फार्मेसी काउंसिल, रायपुर के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस रैली को प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह 2026 के अवसर पर आयोजित इस रैली की थीम ‘स्वस्थ भारत: Combating Antimicrobial Resistance’ रखी गई है। रैली सुबह 8:30 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव से शुरू होकर शंकर नगर चौक तक पहुंचेगी। इसके माध्यम से आम लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के सही इस्तेमाल और दवाओं के प्रति रोगाणुओं में बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता के खतरों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल बन रहा बड़ी चुनौती

एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस आज वैश्विक स्वास्थ्य के सामने गंभीर चुनौती है। जब बैक्टीरिया और अन्य रोगाणु संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं, तो संक्रमण का उपचार मुश्किल हो सकता है। एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक इस्तेमाल, गलत खुराक और चिकित्सकीय सलाह के बिना दवाएं लेना इस समस्या को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं।

ऐसे में फार्मासिस्टों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। वे लोगों को दवाओं के सही उपयोग, निर्धारित खुराक और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के प्रति जागरूक कर सकते हैं। रैली का उद्देश्य इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

शासन स्तर पर भी व्यापक तैयारी

रैली को सफल बनाने के लिए शासन स्तर पर भी पहल की गई है। संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर संभाग की ओर से संभाग के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीन कार्यरत शासकीय और निजी क्षेत्र के फार्मासिस्टों की भागीदारी सुनिश्चित करें।

वहीं, छत्तीसगढ़ के औषधि नियंत्रक ने भी प्रदेश के दवा व्यवसायियों और फार्मासिस्टों से रैली में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य की रक्षा के प्रति फार्मासिस्ट समुदाय की जिम्मेदारी का प्रतीक है।

फार्मासिस्टों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील

आयोजकों ने प्रदेश के सभी फार्मासिस्टों से रैली में शामिल होकर एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के खिलाफ जागरूकता अभियान को मजबूत बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि फार्मासिस्ट केवल दवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लोगों को दवाओं के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की जानकारी देकर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

रैली के जरिए छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना जरूरी है और इस लड़ाई में हर फार्मासिस्ट की भागीदारी महत्वपूर्ण है।