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ग्रीन पैकेजिंग से एमएसएमई को मिलेंगे नए अवसर, रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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रायपुर। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के तहत 30 अक्टूबर को एनआईटी परिसर स्थित गोल्डन टावर में ‘ग्रीन पैकेजिंग एवं सतत समाधान’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने इंडस्ट्री पार्टनर तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), रायपुर ने सहयोगी संस्थान के रूप में सहभागिता की।

कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर की सीईओ सुश्री मेधा सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि सतत पैकेजिंग अब केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एमएसएमई के लिए व्यावसायिक विकास का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। इसके जरिए उद्योग अपशिष्ट कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और पर्यावरण अनुकूल प्रक्रियाएं अपनाकर बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत कर सकते हैं।

उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन की सहायक संचालक सुश्री सोमानी मंडलोई ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति का उद्देश्य औद्योगिक विकास, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना है। उन्होंने उद्योगों को पुनर्चक्रण योग्य सामग्री, पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग और संसाधन दक्ष तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

CSIDC की SPIU टीम के आनंद वर्धन ने RAMP योजना के अंतर्गत ग्रीन पैकेजिंग एवं सतत समाधानों पर तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने पर्यावरण अनुकूल, जैव अपघटनीय और पुनर्चक्रण योग्य पैकेजिंग सामग्री के उपयोग के साथ अपशिष्ट प्रबंधन एवं संसाधनों के कुशल इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सतत पैकेजिंग अपनाने से एमएसएमई परिचालन लागत कम करने, पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन करने और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच मजबूत करने में सक्षम हो सकते हैं।

वहीं, एनआईटी रायपुर के NITRRFIE इन्क्यूबेशन सेंटर के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. अनुज शुक्ला ने नवाचार, उद्यमिता और नए व्यावसायिक विचारों को विकसित करने में शैक्षणिक एवं इन्क्यूबेशन संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रीन पैकेजिंग स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। इसके माध्यम से उद्यमी टिकाऊ उत्पाद विकसित करने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में PHDCCI छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर के रेजिडेंट डायरेक्टर सुमित दुबे ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।