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बिंद्रानवागढ़ के सियासत में आया नया मोड़, भाजपा से “बागी” होकर आप में गए “भागी” का यू–टर्न

० कहा– मेरी निष्ठा हमेशा भाजपा के साथ, बहकावे में आकर किया था आप ज्वाइन

गरियाबंद। भाजपा से बागी होकर ‘आप’ पार्टी की ओर से नामांकन दाखिल करने वाले भागीरथी मांझी ने अपना नाम वापस ले लिया है। इस घटनाक्रम से जहां आप पार्टी में हड़कंप मच गया है। वहीं मांझी ने कहा कि मैने बहकावे में आकर आप को ज्वाइन किया था, मेरी निष्ठा हमेशा भाजपा के साथ है।

बिंद्रानवागढ़ के सियासत में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब भागीरथी मांझी बुधवार को निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर अपना नाम वापस ले लिया। रिटर्निंग अफसर अर्पिता पाठक ने इसकी पुष्टि भी किया है। नामांकन वापसी के बाद मांझी ने कहा कि वे किसी पार्टी के पास टिकट मांगने नहीं गए थे। भाजपा में टिकट के दावेदार थे नहीं मिलने का दुख था, इसी बीच पार्टी ने संपर्क कर टिकट थमा दिया, मुझे सोचने-समझने का समय भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का सिपाही हूं, मेरी निष्ठा पार्टी से जुड़ी है।

मांझी के नाम वापसी के बाद अब आप पार्टी चुनावी मैदान से बाहर हो गई है। इस सियासी घटना ने आप के नेतृत्व को हिला कर रख दिया है। आप पार्टी के जिला अध्यक्ष सियाराम ठाकुर ने कहा कि टिकट पार्टी से जुड़े लोगों को देने की मैने सिफारिश की थी। ऊपर वालों ने बगैर सोचे-समझे प्रत्याशी बना दिया। सियाराम ने आरोप लगाया है कि प्रत्याशी को लालच देकर नाम वापस कराया गया है।

बता दें कि भाजपा के कद्दावर नेता में भागीरथी की गिनती होती है, आप ज्वाइन करने के बाद भी उनकी सदस्यता पार्टी ने समाप्त नहीं की थी। घर वापसी के लिए पार्टी के बड़े नेता लगातार संपर्क में थे। बाबा उदयनाथ भागीरथी के करीबी हैं, भागीरथी के घर वापसी में बाबा उदयनाथ का अहम योगदान माना जा रहा है। भागीरथी के आप प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस के माहौल के बीच भाजपा संकट में नजर आ रहा था, लेकिन भागीरथी की घर वापसी के बाद अब भाजपा को बड़ी राहत मिली है।

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