कही-सुनी (25 JAN-26) : छत्तीसगढ़ से कौन होगा नितिन नबीन की टीम में
रवि भोई की कलम से
छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे नितिन नबीन अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। नितिन नबीन अब अपनी टीम बनाने वाले हैं, ऐसे में चर्चा होने लगी है कि छत्तीसगढ़ से नितिन नबीन की टीम में कौन जाएगा ? बताते हैं कि नितिन नबीन की टीम का हिस्सा बनने के लिए भाजपा के कई नेता दौड़ में हैं, पर सबसे चर्चित नाम विधायक सुशांत शुक्ला का बताया जा रहा है। सुशांत शुक्ला भाजयुमो में नितिन नबीन के साथ काफी साल काम किए हैं। सुशांत शुक्ला युवा नेता और तेजतर्रार भी हैं। लोग अनुमान लगा रहे हैं कि सुशांत शुक्ला नितिन नबीन की टीम में मंत्री बन सकते हैं। नितिन नबीन की टीम के लिए सौरभ सिंह का नाम भी चर्चा में हैं। पूर्व विधायक सौरभ सिंह अभी राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष हैं। सौरभ सिंह बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस होते हुए भाजपा में आए हैं। कुछ पुराने भाजपा नेता भी नितिन नबीन की टीम में जगह पाने के लिए प्रयासरत बताए जाते हैं। मैदानी इलाके की एक महिला नेत्री का नाम भी सुर्ख़ियों में है। यह महिला नेत्री पहले भी संगठन में रह चुकी हैं। नितिन नबीन की टीम के लिए मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा का नाम भी लोगों की जुबान पर है। लोग संभावना व्यक्त कर रहे हैं कि पंकज झा राष्ट्रीय टीम में मीडिया या कार्यालय की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। उम्मीद है कि फ़रवरी में परिदृश्य साफ़ हो जाएगा।
नहीं चली मंत्री जी की
कहते हैं कि राज्य के एक मंत्री जी समग्र शिक्षा में संचालक और छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में प्रबंध संचालक के पद पर अपनी पसंद के अफसर की पोस्टिंग करवाना चाहते थे। बताते हैं मंत्री जी ने इसके लिए बाकायदा मुख्यमंत्री सचिवालय को नोटशीट भेजी थी, पर मंत्री जी की मंशा के उलट फैसला हो गया। सामान्य प्रशासन विभाग ने 2009 बैच की आईएएस किरण कौशल को समग्र शिक्षा का आयुक्त और पाठ्य पुस्तक निगम का प्रबंध संचालक बना दिया। डॉ प्रियंका शुक्ला के केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने के कारण आयुक्त समग्र शिक्षा और पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का पद रिक्त हो गया था। समग्र शिक्षा और पाठ्य पुस्तक निगम स्कूल शिक्षा के अधीन है। पाठ्य पुस्तक निगम स्वतंत्र निकाय है। निगम में अध्यक्ष और कार्यकारिणी ही सारे फैसले लेते हैं। चर्चा है कि मंत्री जी की पसंद को नजरअंदाज कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झटका दे दिया और संदेश भी दे दिया कि प्रशासन तो उनकी मर्जी से ही चलेगा।
तमनार घटना पर एक्शन ?
सरकार ने 2014 बैच के आईपीएस दिव्यांग पटेल को रायगढ़ के एसपी के पद से हटाकर एसपी रेल पुलिस बना दिया। उनके तबादले को तमनार की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। वैसे रायगढ़ एसपी रहते दिव्यांग पटेल को दो साल हो गए थे। पिछले महीने तमनार में ग्रामीण जिंदल पावर लि की जनसुनवाई के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे और उग्र हो गए। पुलिस स्थिति का आंकलन नहीं कर पाई। तमनार में पुलिस की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। पुलिस प्रशासन का इकबाल ही नहीं दिखा। तमनार में कुछ आंदोलनकारियों ने एक महिला सिपाही के कपड़े फाड़ दिए और महिला थाना प्रभारी के साथ भी दुर्व्यवहार किया। इससे पुलिस की काफी किरकिरी हुई और सरकार की भी बदनामी हुई। कहते हैं सरकार ने तत्काल कोई कदम न उठाते हुए मामला शांत होने पर एक्शन लिया। एसपी के बाद अब कुछ प्रशासनिक अफसरों पर भी गाज गिरने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जनसुनवाई की जिम्मेदारी प्रशासनिक अफसरों पर होती है।
बड़े विभाग महिला आईएएस अफसरों के जिम्मे
छत्तीसगढ़ में करीब आधे दर्जन बड़े विभाग महिला आईएएस अफसरों के जिम्मे है। 1994 बैच की आईएएस ऋचा शर्मा वन विभाग की एसीएस हैं, तो 1997 बैच की आईएएस निहारिका बारिक पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव हैं। 2001 बैच की आईएएस शहला निगार कृषि उत्पादन आयुक्त हैं। शहला निगार इसी महीने प्रमुख सचिव के तौर पर प्रमोट हुई हैं। सचिव के स्तर पर रहते हुए सरकार ने उन्हें कृषि उत्पादन आयुक्त की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी थी। कृषि उत्पादन आयुक्त के पास पशुपालन, डेयरी विकास, मछली पालन और हार्टिकल्चर जैसे विभाग भी होते हैं। 2003 बैच की आईएएस अधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले खाद्य और राजस्व विभाग संभाल रही हैं। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी बड़ा टास्क होता है। धान खरीदी का जिम्मा खाद्य विभाग के पास ही रहता है, इसमें खाद्य सचिव की बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। 2007 बैच की आईएएस शम्मी आबिदी महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव हैं। राज्य में महतारी वंदन योजना के तहत लाखों महिलाओं को सहायता मिल रही है और भाजपा सरकार में इस योजना की बड़ी भूमिका है। महिला और बाल विकास विभाग को भारत सरकार से मदद भी काफी मिलती है, ऐसे में इस विभाग का सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका है। कई विभागों में संचालक भी महिला आईएएस अफसर हैं।
मंत्री का पुत्र सुपर मंत्री
कहते हैं राज्य के एक मंत्री का पुत्र सुपर मंत्री बन गया है। बताते हैं मंत्री के ई आफिस का पासवर्ड भी उसी के पास रहता है। मंत्री पुत्र चाहता है, तो फाइल आगे बढ़ती है, अन्यथा नहीं। खबर है कि मंत्री पुत्र ही स्टाफ को दिशा-निर्देश देते हैं। खबर है कि मंत्री जी कई विभागों की कमान संभाले हुए हैं, पर जबसे वे मंत्री की कुर्सी पर विराजे हैं, तब उनके कई सहयोगी उन्हें बाय-बाय कर गए हैं या फिर मंत्री जी ने ही उनकी छुट्टी कर दी है। यहाँ तक की मंत्री जी ने अपने खासमखास को भी नहीं बख्शा। बताते हैं कि विश्वासघात की सूचना पर मंत्री जी सख्त एक्शन ले लेते हैं। चर्चा है मंत्री जी ने अपने एक पुराने साथी को अपने से जोड़ा था, पर पुराना साथी उनसे तालमेल नहीं बैठा पाया और जल्द ही उनसे विदाई ले ली। हल्ला है कि मंत्री स्टाफ के कई लोग मंत्री पुत्र के फरमान से असहज महसूस करने लगे हैं और नए ठौर तलाशने लगे हैं। अब देखते हैं आगे क्या होता है ?
मुख्यमंत्री साय ने चलाई अपनी मर्जी
कहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर मॉडल को लेकर किसी की नहीं सुनी। कैबिनेट ने जो पहले से तय किया था, उसे ही लागू किया। कहा जाता है गृह मंत्री विजय शर्मा समेत कुछ अन्य मंत्री चाहते थे कि रायपुर के पुलिस कमिश्नर के दायरे में नया रायपुर और कुछ ग्रामीण इलाका आ जाय। बताते हैं मुख्यमंत्री ने संशोधन से पहले मॉडल लागू करने पर जोर दिया। खबर है कि मुख्यमंत्री ने साफ़ कर दिया कि 23 जनवरी से रायपुर में पुलिस कमिश्नर मॉडल लागू करना प्राथमिकता में है, क्षेत्राधिकार में विस्तार पर आगे फैसला लिया जाएगा। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला बनाए गए हैं। संजीव शुक्ला रायपुर के तासीर और इलाके से अच्छे से वाकिफ हैं। रायपुर में पिछले कुछ वर्षों से साइबर क्राइम से लेकर दूसरे तरह के अपराध बढे हैं। ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया है। कहा जा रहा है कि अब रायपुर शहर के कानून-व्यवस्था को एक आईजी, एक डीआईजी, छह आईपीएस, आठ एडिशनल एसपी, 16 डीएसपी और 32 राजपत्रित दुरुस्त करेंगे। थानों में स्टाफ भी बढ़ाए जाने की खबर है।
अब बलौदाबाजार-भाटापारा का कलेक्टर कौन बनेगा
सरकार ने जगदलपुर के कलेक्टर एस हरीश की जगह 2017 बैच के आईएएस आकाश छिकारा को जगदलपुर का कलेक्टर बना दिया है। आकाश छिकारा गरियाबंद और जांजगीर-चांपा के कलेक्टर रह चुके हैं। एस हरीश केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर गए हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा के कलेक्टर दीपक सोनी भी केंद्र सरकार में जाने वाले हैं। भारत सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर की जिम्मेदारी किसको मिलती है, इस पर नजर है। रायपुर नगर निगम के कमिश्नर रहते मयंक चुतर्वेदी और अबिनाश मिश्रा को कलेक्टर बनने का मौका मिल चुका है। इस कारण बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर के लिए रायपुर नगर निगम के कमिश्नर विश्वदीप का नाम भी चर्चा में है। विश्वदीप 2019 बैच के आईएएस हैं।
(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)
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