कही-सुनी (17 MAY-26) : क्या मई के अंतिम सप्ताह में होगा साय मंत्रिमडल में फेरबदल

  रवि भोई की कलम से छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय मंत्रिमडल में मई के अंतिम सप्ताह में फेरबदल की चर्चा चल रही है। इस फेरबदल में चार मंत्रियों की छुट्टी और कुछ के विभाग बदले जाने की खबर चल रही है। प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप में बदलाव से साय मंत्रिमडल में फेरबदल की खबर को बल मिला है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा से लौटने के बाद नितिन नबीन की टीम की घोषणा होगी। प्रधानमंत्री 20 मई को विदेश से लौटेंगे। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा के बाद साय मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा। सुनने में आ रहा है कि नितिन […]

कही-सुनी (03 MAY-26) : छत्तीसगढ़ में सत्ता और संगठन में बदलाव की हलचल

रवि भोई की कलम से चर्चा है कि 10 मई के बाद छत्तीसगढ़ में सत्ता और संगठन में व्यापक बदलाव हो सकता है। राजनीतिक हलकों में सुगबुगाहट है कि राज्य के एक उप मुख्यमंत्री को संगठन में महासचिव की जिम्मेदारी दी जाएगी। बदले में एक महिला विधायक को उप मुख्यमंत्री की कुर्सी दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री के लिए लता उसेंडी, रेणुका सिंह समेत कई नाम राजनीतिक गलियारों में चलने भी लगे हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व एक महिला को उप मुख्यमंत्री बनाकर एक तीर से कई निशाना साधने की फिराक में है। हल्ला है कि विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल के कम से कम चार-पांच मंत्रियों की छुट्टी होने […]

कही-सुनी (19 APRIL-26) : पांच सौ रुपए की साड़ी में खेल,महिला एवं बाल विकास विभाग सुर्ख़ियों में

रवि भोई की कलम से छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए साड़ी खरीदी को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग सुर्ख़ियों में है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रति नग 500 रुपए की दर से 1,94,590 साड़ियां छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से खरीदी। बताते हैं साड़ियों की सप्लाई सरगुजा संभाग के सप्लायरों ने की। साड़ियां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के हाथ लगते ही शिकायतों का अंबार लग गया। रंग छूटने से लेकर लंबाई भी कम बताई जाने लगी। बताते हैं पिछले साल की साड़ियों में शिकायत आने के बाद 2025-26 के लिए खरीदी गई साड़ियों का वितरण रोक दिया गया […]

कही-सुनी (12 APRIL-26) : कब निकलेगा स्थायी डीजीपी का आदेश ?

  रवि भोई की कलम से छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी का आदेश एक पहेली बन गया है। बताते हैं संघ लोक सेवा आयोग ने राज्य के स्थायी डीजीपी के लिए 1992 बैच के आईपीएस अरुणदेव गौतम और 1994 बैच के आईपीएस हिमांशु गुप्ता का नाम प्रस्तावित किया है। अब छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को इन दोनों में से एक को चुनना है। यूपीएससी की चिट्ठी के बाद स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए हलचल शुरू हुई, पर एक हफ्ते बाद भी शीर्ष स्तर पर मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। कहते हैं स्थायी डीजीपी पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लेना है, इस मामले में गृह मंत्री विजय शर्मा […]

कही-सुनी (05 APRIL-2026) : क्या छत्तीसगढ़ में 2028 का चुनाव नए परिसीमन के साथ होगा ?

रवि भोई की कलम से माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में 2028 का विधानसभा चुनाव नए परिसीमन के आधार पर होगा। अभी नई जनगणना होनी है और 2027 तक जनगणना का काम पूरा होगा, पर अंतिम आंकड़े आने में समय लगेगा। संकेत हैं कि 2011 की जनगणना के आधार पर विधानसभा सीटों का निर्धारण होगा। छत्तीसगढ़ में अभी 90 विधानसभा सीटें हैं। कहा जा परिसीमन के बाद सीटें 135 तक पहुँच जाएगी। चर्चा है कि केंद्र सरकार 16 अप्रैल से दो-तीन दिन का संसद सत्र बुलवाकर इस बारे में फैसला लेने वाली है, इसके बाद स्थिति साफ़ होगी। कहा जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले […]

कही-सुनी (29 MARCH-26) : मई में साय मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल के संकेत

रवि भोई की कलम से चर्चा है कि पांच राज्यों के चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय मंत्रिमडल में व्यापक फेरबदल के आसार हैं। राज्य के कई मंत्रियों को लेकर लोगों की राय अच्छी नहीं बताई जा रही है। बताते हैं एक मंत्री जी ब्यूरोक्रेसी पर पकड़ बनाकर प्रशासन को अपने मन-मुताबिक हाँक रहे हैं। इससे कुछ मंत्री दुखी हैं, क्योंकि अफसर उनकी सुन नहीं रहे हैं। इसी वजह से कई मंत्रियों का अपने विभागीय सचिव से तालमेल बिगड़ा हुआ है। हल्ला है कि आरएसएस के अंदरूनी सर्वे में कई मंत्रियों के अगले चुनाव में जीत पाने की संभावना नजर नहीं आ रही है। खबर है कि ख़ुफ़िया रिपोर्टों […]

कही-सुनी (22 MARCH-2026) : छत्तीसगढ़ के राजनीतिक राज्यपालों की इच्छाएं

रवि भोई की कलम से पिछले 25-26 सालों में आईएएस-आईपीएस, सेना अधिकारी और राजनेता सभी तरह के विशिष्टजन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बने हैं। देखा गया है कि सक्रिय राजनीति से लोकभवन में आने वाले विशिष्टजन अपने रिश्तेदारों को भी राजनीति में उतारने की इच्छा रखते हैं। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रहे स्व बलरामदास जी टंडन अपने बेटे को सक्रिय राजनीति में लाने में लगे रहे, उनका बेटा चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष रहे। बताते हैं कि स्व. टंडन जी अपने पुत्र को चुनाव में भाजपा की टिकट दिलाने में लगे रहे। स्व. टंडन जी जनसंघ के जमाने के नेता थे। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रहे विश्वभूषण हरिचंदन अपने पुत्र को ओडिशा विधानसभा चुनाव […]

कही-सुनी (15 MARCH-26) : यूपीएससी को खबर नहीं, छत्तीसगढ़ का डीजीपी कौन ?

रवि भोई की कलम से कहते हैं कि यूपीएससी ने पिछले दिनों राज्य के मुख्य सचिव विकासशील को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के डीजीपी के बारे में खोज-खबर ली है। यूपीएससी ने कई महीने पहले छत्तीसगढ़ के डीजीपी के लिए दो नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था, पर सरकार ने पैनल में से किसी को डीजीपी बनाने की जगह 1992 बैच के आईपीएस अरुण देव गौतम को प्रभारी डीजीपी बनाए हुए है। गौतम साहब को कार्यकारी डीजीपी बने साल भर से ज्यादा हो गया है। बताते हैं अब यूपीएससी ने सरकार से छत्तीसगढ़ के डीजीपी का नाम मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि उसके द्वारा भेजे […]

कही-सुनी ( 08 MARCH-26) : अफीम की खेती में भाजपा नेता का हाथ

रवि भोई की कलम से दुर्ग जिले में एक भाजपा नेता द्वारा अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भाजपा नेता के अफीम की खेती वाली जगह पर ही पहुंच गए। अफीम की खेती का मामला तूल पकड़ने के बाद भाजपा ने अपने नेता को निलंबित कर दिया है, पर इस घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अफीम की खेती गैर कानूनी होने के बाद भी सत्तारूढ़ दल के एक पदाधिकारी ने पार्टी की साख की चिंता नहीं की। राज्य के मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के इस भाजपा नेता के कई फोटो अब वायरल […]

कही-सुनी (01 MARCH-26) : क्या छत्तीसगढ़ में भी शराब घोटाले में फंसे लोग पाक-साफ़ हो जाएंगे ?

रवि भोई की कलम से शराब घोटाले में फंसे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के निचली अदालत से बरी होने के बाद छत्तीसगढ़ में भी चर्चा चल पड़ी है कि यहां भी शराब घोटाले में फंसे नेता और अफसर बेदाग छूट जाएंगे। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, भूपेश सरकार के आबकारी मंत्री कवासी लखमा और कई अफसरों को जमानत मिल गई है। कवासी लखमा विधानसभा के बजट सत्र में शामिल भी हो रहे हैं। आबकारी सचिव निरंजन दास, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और कुछ लोग जरूर अभी जेल में हैं। कहा जा रहा है राज्य […]