आज का पंचांग 24 फरवरी : आज फाल्गुन सप्तमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त का समय
24 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल सप्तमी/अष्टमी तिथि है। आज कुंभ राशि में सूर्यदेव, मंगलदेव, बुधदेव और शुक्रदेव के साथ राहु का भारी संयोग बना हुआ है, जिससे आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ेगा।
चंद्रदेव आज वृषभ राशि के कृत्तिका नक्षत्र में हैं, जो आपके भीतर तेज बुद्धि और निडरता को बढ़ाएंगे। इस नक्षत्र के देवता ‘अग्निदेव’ हैं, इसलिए आज का दिन अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए बहुत अच्छा है।
आज ‘इन्द्र’ योग बनेगा जो सरकारी कामों में सफलता दिलाने और मान-सम्मान बढ़ाने के लिए बहुत शुभ है। इसके बाद ‘वैधृति’ योग बनेगा जो आपकी सहनशीलता और धैर्य की परीक्षा ले सकता है, इसलिए ऐसे में जल्दबाजी के बजाय शांति से काम लेना बेहतर रहेगा। अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अमृत काल और अभिजीत मुहूर्त का उपयोग करें, क्योंकि इस दौरान की गई मेहनत स्थायी सफलता दिलाती है। राहुकाल में किसी भी प्रकार के क्रोध और वाद-विवाद से बचें तथा अपनी सहजता बनाए रखें।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: शुक्ल सप्तमी – प्रातः 07:01 बजे तक, फिर अष्टमी
योग: इन्द्र – प्रातः 07:24 बजे तक, फिर वैधृति
करण: वणिज – प्रातः 07:01 बजे तक
करण: विष्टि – सायं 05:56 बजे तक
करण: बव – प्रातः 04:51 बजे (25 फरवरी) तक
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:51 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:18 बजे
चंद्रोदय का समय: प्रातः 10:58 बजे
चंद्रास्त का समय: रात्रि 01:40 बजे (25 फरवरी)
समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)
सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: वृषभ राशि में स्थित हैं।
मंगल देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।
शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।
राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।
केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 12:51 बजे से दोपहर 02:22 बजे तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: सायं 03:26 बजे से सायं 04:52 बजे तक
गुलिकाल: दोपहर 12:34 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 09:43 बजे से प्रातः 11:09 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव कृत्तिका नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
स्थान: 26°40’ मेष राशि से 10°00’ वृषभ राशि तक
कृत्तिका नक्षत्र: सायं 03:07 बजे तक
नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव और शुक्रदेव
देवता: अग्निदेव
प्रतीक: भाला या अस्त्र





