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अमेरिका का सख्त संदेश: “लड़ाई हमने नहीं छेड़ी, लेकिन अंजाम तक हम ही पहुंचाएंगे”

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इंटरनेशनल न्यूज़। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने ईरान को लेकर कड़ा रुख जाहिर किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष अमेरिका ने शुरू नहीं किया, लेकिन इसे निर्णायक रूप से समाप्त करने की क्षमता और इरादा दोनों उसके पास हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जो शासन अमेरिका और इजरायल के खिलाफ खुलेआम बयानबाजी करता रहा है, उसे अब जवाब मिल रहा है।

ईरान को कड़ी चेतावनी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य किसी देश में लोकतंत्र स्थापित करना या “नेशन बिल्डिंग” करना नहीं है, बल्कि अपने हितों की रक्षा करते हुए जीत सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि ईरान की आक्रामक मिसाइल क्षमताओं, हथियार उत्पादन ढांचे और नौसैनिक ताकत को कमजोर करना जरूरी है, ताकि वह भविष्य में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। अमेरिका की कार्रवाई को उन्होंने “सटीक, शक्तिशाली और बिना किसी नरमी के” बताया।

साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया में कहीं भी यदि अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई, तो अमेरिका सख्त और सीधा जवाब देगा।

ओबामा कालीन समझौते पर टिप्पणी

हेगसेथ ने पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama के कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते की आलोचना की। उनका कहना था कि उस समझौते के कारण ईरान परमाणु हथियार क्षमता के करीब पहुंच गया था, लेकिन वर्तमान नेतृत्व में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।

ट्रंप की नीति की सराहना

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की प्रशंसा करते हुए कहा कि ट्रंप ने हमेशा स्पष्ट रुख अपनाया कि ईरान जैसी सरकारों को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।

हेगसेथ ने यह भी आरोप लगाया कि तेहरान की सरकार दशकों से अमेरिका के खिलाफ परोक्ष संघर्ष में शामिल रही है, जिसमें पश्चिम एशिया में विभिन्न हमलों और आतंकी गतिविधियों का जिक्र किया गया।

क्षेत्र में मौजूदा हालात को देखते हुए यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। यदि आप चाहें तो मैं इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और संभावित प्रभावों का विश्लेषण भी साझा कर सकता हूँ।