स्वयंसिद्धा समूह ने किया शक्ति सम्मान समारोह ,दूसरे सत्र में रचनाकारों ने किया काव्य पाठ

भोपाल। स्वयंसिद्धा शक्ति सम्मान समारोह 31 मार्च को दुष्यंत संग्रहालय भोपाल में संपन्न हुआ।। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में एडवोकेट रामकृष्ण पांडेय की कृति कवि मन का पुष्प और डॉ अनीता तिवारी की कृति सोनजूही का लोकार्पण हुआ। दोनों पुस्तकों का समीक्षा वक्तव्य वरिष्ठ साहित्यकार श्रीराम माहेश्वरी ने प्रस्तुत किया।
साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक समूह स्वयंसिद्धा की संस्थापक डॉ अनीता तिवारी ने बताया कि पहला सत्र सुबह 1 1 बजे तथा दूसरा सत्र दोपहर 2 बजे शुरू हुआ। पहले सत्र में प्रख्यात पुरातत्ववेत्ता पद्मश्री नारायण व्यास मुख्य अतिथि, केंद्रीय अंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलाधिपति डॉ प्रकाश बरतूनिया विशिष्ट अतिथि, हिंदी लेखिका संघ की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती अनीता सक्सेना विशिष्ट अतिथि, आईपीएस सुशोवन बनर्जी विशेष अतिथि, वरिष्ठ रंगकर्मी संजय मेहता विशिष्ट अतिथि तथा वरिष्ठ पत्रकार संपादक शशांक दुबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए । वरिष्ठ मूर्तिकार देवीलाल पाटीदार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की । आरंभ में अनिता तिवारी ने स्वागत भाषण दिया। सरोज दवे ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
दूसरे सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार गोकुल सोनी मुख्य अतिथि और वरिष्ठ साहित्यकार नीलिमा रंजन विशिष्ट अतिथि, सीमा हरि शर्मा विशेष अतिथि रहीं। वरिष्ठ साहित्यकार महेश सक्सेना ने अध्यक्षता की ।
समारोह में अनेक लेखक, साहित्यकार, शिक्षाविदों का सम्मान किया गया। दूसरे सत्र में रचनाकारों द्वारा रचना पाठ किया गया। मधुलता शर्मा और वंदना जोशी ने संचालन किया। अंत में श्रीराम माहेश्वरी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सवा सौ से अधिक लोग उपस्थित थे।





