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आज का पंचांग 5 अप्रैल : आज वैशाख तृतीया तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

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अंग्रेजी तारीख 5 अप्रैल 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सायं 4 बजकर 30 बजे से 06 बजे तक। तृतीया तिथि दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ। विशाखा नक्षत्र रात्रि 12 बजकर 08 मिनट (6 अप्रैल) तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र का आरंभ। वज्र योग दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक उपरांत सिद्धि योग का आरंभ। विष्टि करण दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चंद्रमा शाम 05 बजकर 28 मिनट तक तुला राशि पर उपरांत वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण
तिथि
कृष्ण तृतीया – दोपहर 11:59 बजे तक, फिर चतुर्थी
योग वज्र – दोपहर 02:44 बजे तक, फिर सिद्धि
करण विष्टि – दोपहर 11:59 बजे तक
करण बव – रात्रि 01:03 बजे (6 अप्रैल) तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय
प्रातः 06:07 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 06:41 बजे
चंद्रोदय का समय रात्रि 09:58 बजे
चंद्रास्त का समय प्रातः 07:33 बजे
आज के व्रत त्योहार- विकट संकष्टी चतुर्थी।

आज का शुभ मुहूर्त 5 अप्रैल 2026 :
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक
अमृत काल दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से सायं 04 बजकर 10 मिनट तक
ब्रह्ममुहूर्त सुबह 4 बजकर 39 मिनट से 5 बजकर 23 मिनट तक

आज का अशुभ मुहूर्त 5 अप्रैल 2026
सायं 4 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 03 बजकर 33 मिनट से सायं 05 बजकर 07 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 12 बजकर 24 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सायं 05 बजकर 01 मिनट से 05 बजकर 51 मिनट तक।

आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव विशाखा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
विशाखा नक्षत्र: रात्रि 12:08 बजे (6 अप्रैल) तक
स्थान: 20°00’ तुला राशि से 3°20’ वृश्चिक राशि तक
नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव
राशि स्वामी: शुक्रदेव और मंगलदेव
देवता: इंद्राग्नि (इंद्र और अग्नि का संयुक्त रूप)
प्रतीक: विजय द्वार या कुम्हार का चाक

सामान्य विशेषताएं: धैर्यवान, साहसी, सामाजिक, बुद्धिमान, धार्मिक, आध्यात्मिक, ईमानदार, न्यायप्रिय, मजबूत इच्छाशक्ति, समाज में सम्मानित और सुंदर।
आज का उपाय : आज भगवान गणेश के ‘विकट’ स्वरूप की पूजा करें और ‘ओम गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें। संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ फलदायी रहता है।