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छत्तीसगढ़ में अप्रैल की सैलरी पर संकट टला, GAD ने iGOT प्रशिक्षण नियम किया फिलहाल शिथिल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी अफसरों और कर्मचारियों की अप्रैल महीने की सैलरी रुकने का बड़ा संकट फिलहाल टल गया है। यह स्थिति राज्य शासन द्वारा जारी एक पुराने सर्कुलर की कंडिका-14 के चलते बनी थी, जिसमें स्पष्ट निर्देश था कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य प्रशिक्षण लेकर पंजीकरण करना होगा। ऐसा नहीं करने वालों का वेतन रोके जाने की बात कही गई थी।

लेकिन जब विभागीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा की गई तो सामने आया कि बड़ी संख्या में कर्मचारी न तो इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं और कई स्थानों पर आधिकारिक ई-मेल आईडी भी सक्रिय नहीं हैं। इससे एक साथ बड़े पैमाने पर वेतन रोकने की स्थिति बन सकती थी, जिससे प्रशासनिक असंतुलन पैदा होने की आशंका थी।

इसी को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव अविनाश चंपावत की ओर से नया पत्र जारी किया गया। इस पत्र में फिलहाल नियम को शिथिल करने का निर्णय लिया गया है। यानी अब तत्काल प्रभाव से इस शर्त के आधार पर वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस फैसले के बाद राज्य के लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है और अप्रैल की सैलरी पर मंडरा रहा संकट फिलहाल समाप्त हो गया है।