तुषार मानिक मामले में बढ़ा प्रशासनिक संग्राम: आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आज से प्रदेशभर के तहसीलदार-नायब तहसीलदार ने किया कामबंद

रायपुर। सरगुजा जिले में नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर छत्तीसगढ़ के राजस्व अधिकारियों ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने पर आज 1 जून 2026 से प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अनिश्चितकालीन कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश पर हैं।
संघ के अनुसार 27 मई को सरगुजा जिले की राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक अपने न्यायालयीन एवं राजस्व दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान उनके साथ अभद्रता, मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की गंभीर घटना हुई। संघ ने इसे केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि संपूर्ण राजस्व प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था की गरिमा पर हमला बताया है।
घटना के विरोध में 29 मई को प्रदेशभर के अधिकारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया था और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों में भारी नाराजगी है।
संघ का कहना है कि यदि ड्यूटी पर तैनात एक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ हुई ऐसी गंभीर घटना में भी त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा और निष्पक्ष प्रशासनिक कार्यों पर दबाव का माहौल बनेगा।
इस मामले में कई कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने भी खुलकर समर्थन दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ, राजस्व पटवारी संघ समेत विभिन्न संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
संघ की प्रमुख मांगें:
मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
राजस्व अधिकारियों एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
शासकीय सेवाओं की गरिमा और स्वतंत्र कार्यप्रणाली की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
प्रदेशभर के प्रशासनिक अधिकारियों के इस ऐलान के बाद अब शासन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।





