पीडब्ल्यूडी सचिव का सख्त अल्टीमेटम: 30 जून तक टेंडर, 31 जुलाई तक वर्क ऑर्डर जारी करें अधिकारी

० भारतमाला से जुड़ेंगी प्रदेश की सड़कें, पहुंचविहीन गांवों और द्रुतगामी मार्गों पर रहेगा विशेष फोकस
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क और पुल निर्माण कार्यों को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्त समय-सीमा तय कर दी है। विभागीय सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मार्च 2026 तक स्वीकृत सभी कार्यों के लिए 30 जून तक निविदाएं आमंत्रित कर ली जाएं और 31 जुलाई तक कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी कर दिए जाएं, ताकि बारिश के बाद निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू किया जा सके।
नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशासकीय स्वीकृति के बाद तकनीकी स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया और कार्यादेश जारी करने की पूरी प्रक्रिया दो से तीन माह के भीतर पूरी की जाए।
भारतमाला से जुड़ेगा छत्तीसगढ़ का सड़क नेटवर्क
बैठक में सचिव बंसल ने अधिकारियों को भारतमाला परियोजना की सड़कों से राज्य की प्रमुख सड़कों को जोड़ने के लिए फोरलेन सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे भारतमाला परियोजना का अधिकतम लाभ प्रदेश को मिल सकेगा और यातायात व्यवस्था और मजबूत होगी।
36 द्रुतगामी सड़कें और पहुंचविहीन गांव प्राथमिकता में
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल 36 द्रुतगामी सड़कों के निर्माण के साथ-साथ दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों तक सड़क एवं पुल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर योजना बनाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को 10 जून तक प्राथमिकता सूची और 31 जुलाई तक प्राक्कलन भेजने को कहा गया है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के प्रोजेक्ट 31 मार्च 2027 तक पूरे करने के निर्देश
सचिव ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे आरसीपीएलडब्ल्यूईए (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के सभी कार्यों को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क कनेक्टिविटी विकास और सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
भुगतान में देरी नहीं, गुणवत्ता पर भी सख्ती
बैठक में ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का समय पर परीक्षण कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आयोजनों और अन्य कार्यों के लंबित देयकों का भुगतान एक माह के भीतर करने को कहा गया। सचिव ने स्पष्ट किया कि भुगतान से पहले सभी कार्यों का कड़ाई से सत्यापन किया जाए।
लापरवाही पर कार्रवाई, फील्ड में उतरेंगे अधिकारी
श्री बंसल ने अधिकारियों को डामरीकरण और अन्य निर्माण कार्यों के दौरान स्वयं मौके पर मौजूद रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। भू-अर्जन के लंबित मामलों को भी मिशन मोड में अगले तीन से छह माह में निपटाने के निर्देश दिए गए।
बरसात से पहले सड़क मरम्मत युद्धस्तर पर पूरी करने के आदेश
मानसून को देखते हुए प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत और रखरखाव कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विभागीय परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन, ई-ऑफिस व्यवस्था के विस्तार, कार्यालयों के पुनर्गठन और न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाब दाखिल करने पर भी जोर दिया गया।





