‘मेडिटेशन को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा’, राज्यपाल रमेन डेका ने बताया तनावमुक्त जीवन का मंत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में मेडिटेशन (ध्यान) मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से ध्यान को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
लोक भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ध्यान शिविर के दूसरे दिन राज्यपाल रमेन डेका स्वयं शामिल हुए। इस दौरान हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर के प्रशिक्षकों ने ध्यान की विभिन्न विधियों की जानकारी दी और प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास भी कराया।
ध्यान से बढ़ती है एकाग्रता और कार्यकुशलता
राज्यपाल ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कार्यभार के कारण तनाव आज एक सामान्य समस्या बन चुका है। ऐसे में नियमित ध्यान व्यक्ति को मानसिक संतुलन बनाए रखने, तनाव कम करने और बेहतर कार्यक्षमता विकसित करने में मदद करता है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रतिदिन कुछ समय ध्यान के लिए निकालने का आग्रह करते हुए कहा कि नियमित मेडिटेशन से आत्मिक संतोष, सकारात्मक सोच और जीवन में अद्भुत आनंद का अनुभव होता है। यह व्यक्ति को व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में भी मदद करता है।
ध्यान के लाभों की दी गई जानकारी
शिविर में हार्टफुलनेस संस्था के प्रशिक्षकों ने ध्यान की प्रक्रिया, उसके महत्व और दैनिक जीवन में मिलने वाले लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों को ध्यान के व्यावहारिक सत्र में शामिल कर उसका अनुभव भी कराया।
इस अवसर पर प्रशिक्षकों ने राज्यपाल रमेन डेका को मेडिटेशन और आत्मिक विकास से संबंधित पुस्तकें भी भेंट कीं।





