ग्राम मांठ में धर्मांतरण विवाद: दो पास्टर गिरफ्तार, विरोध में थाने पहुंचे ईसाई समाज के लोग

रायपुर। रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मांठ में कथित धर्मांतरण और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पास्टरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के विरोध में ईसाई समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी, अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके ने खरोरा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनके सहयोगी पीयूष पटेल गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार पहुंचकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
ग्रामीणों ने जताया विरोध, फिर भी जारी रहीं गतिविधियां
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव के लोगों ने कई बार आरोपियों को समझाइश दी थी कि वे इस प्रकार की गतिविधियां बंद करें और किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव न बनाएं। इसके बावजूद दोनों आरोपियों द्वारा गांव में प्रार्थना सभाएं आयोजित कर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का सिलसिला जारी रखा गया।
बताया गया कि 24 जून की शाम दोनों आरोपी फिर गांव पहुंचे और आदिवासी मोहल्ले में लोगों को एकत्रित कर प्रार्थना सभा के दौरान ईसाई धर्म स्वीकार करने की बात कहने लगे। इस पर ग्रामीणों ने विरोध जताया, जिसके बाद विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।
प्रार्थना सभा को लेकर बढ़ा विवाद
एफआईआर के मुताबिक, उसी दिन मोहल्ले के एक घर में ईसाई धर्म से जुड़ी प्रार्थना सभा भी आयोजित की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसे लेकर आपत्ति जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
प्रारंभिक जांच और शिकायत के आधार पर पुलिस ने पास्टर सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299, 302, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के विरोध में थाने पहुंचे समाज के लोग
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग विधानसभा थाना पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि आरोप निराधार हैं और बिना निष्पक्ष जांच के गिरफ्तारी की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





