Udanti-Sitanadi Tiger Reserve: गांव छोड़ने के दबाव का ग्रामीणों ने किया विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; बोले- पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ेंगे

धमतरी। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कथित विस्थापन के दबाव को लेकर ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। प्रभावित गांवों के ग्रामीणों और जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने सोमवार को जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गांव छोड़ने के लिए बनाए जा रहे कथित दबाव को तत्काल रोकने और गांव में ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप- गांव छोड़ने के लिए बनाया जा रहा दबाव
ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वज पीढ़ियों से इन गांवों में रहते आए हैं। जल, जंगल और जमीन से उनका सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक जुड़ाव है। ऐसे में वे अपनी पुश्तैनी जमीन और गांव छोड़कर कहीं और विस्थापित नहीं होना चाहते।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी गांवों में जाकर विस्थापन को लेकर जानकारी दे रहे हैं और लोगों को गांव छोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामसभा की सहमति के बिना विस्थापन का विरोध
ग्रामीणों ने मांग की कि विस्थापन के लिए किसी भी तरह का दबाव तत्काल रोका जाए और ग्रामसभा की सहमति एवं निर्णय का सम्मान किया जाए।इसके साथ ही प्रभावित गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
वन अधिकार दावों के निराकरण की मांग
पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने कहा कि वनांचल के ग्रामीण लंबे समय से वन अधिकार अधिनियम के तहत अपने अधिकारों और पट्टों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने लंबित और निरस्त वन अधिकार दावों का नियमानुसार निराकरण करने तथा ग्रामसभा की भूमिका और अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण में ग्रामीणों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। वन संरक्षण के साथ जंगल में रहने वाले लोगों के अधिकार और अस्तित्व की रक्षा भी जरूरी है।
रिसगांव स्कूल में 6 पद खाली, पढ़ाई प्रभावित
ग्रामीणों ने रिसगांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी कलेक्टर के सामने रखा। उनका कहना है कि शिक्षकों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बच्चे स्कूल छोड़ने लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में कुल 6 पद रिक्त हैं, जिनमें—
व्याख्याता गणित- 1 पद
व्याख्याता भौतिक विज्ञान- 1 पद
व्याख्याता रसायन विज्ञान- 1 पद
व्याख्याता व्यवसाय विषय- 1 पद
विज्ञान सहायक- 2 पद
शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इन रिक्त पदों पर जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षकों की कमी दूर किए बिना बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है। उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।





