CG Education: छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल, रायपुर के विशेषज्ञ अब सुदूर वनवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की गई है। सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ ने आधुनिक डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो की शुरुआत की है। इसके जरिए रायपुर के विषय विशेषज्ञ अब प्रदेश के सुदूर वनवासी क्षेत्रों में स्थित सरस्वती शिशु मंदिरों के विद्यार्थियों को सीधे ऑनलाइन पढ़ा सकेंगे।
सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ प्रदेश में एक हजार से अधिक सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों का संचालन करता है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस स्टूडियो का कंट्रोल रूम रायपुर के रोहणीपुरम स्थित संस्थान के मुख्यालय में बनाया गया है।
150 से अधिक स्कूल सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े
संस्थान के अनुसार, छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों से लेकर दूरस्थ वनवासी क्षेत्रों में स्थित 150 से अधिक सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों को डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो के कंट्रोल रूम से सीधे जोड़ा गया है। इन सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा विकसित की गई है।
इस व्यवस्था के माध्यम से रायपुर और अन्य प्रमुख शहरों के विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए मार्गदर्शन और शिक्षण उपलब्ध करा सकेंगे। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ने का अवसर मिलेगा।
डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने किया उद्घाटन
आधुनिक डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने किया। उन्होंने इस पहल को छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा क्षेत्र में अभिनव प्रयास बताया। अपने संबोधन में उन्होंने डिजिटल तकनीक को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष रामभरोसा सोनी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्या भारती छत्तीसगढ़ के प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. देवनारायण साहू मौजूद रहे।
208 विद्यालयों के 5 हजार से अधिक विद्यार्थी ऑनलाइन जुड़े
कार्यक्रम में टोपलाल वर्मा, विवेक सक्सेना, बद्रीनाथ केशरवानी, निश्चय बाजपेयी, मोहन पवार, आशुतोष चावरे, जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव प्रवास बघेल और हरिराम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सह प्रांत प्रमुख मानिक लाल साहू ने किया।
इस अवसर पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 208 विद्यालयों से 5 हजार से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और समिति के पदाधिकारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।





