कार्यालय से फील्ड तक सक्रिय रहें अभियंता, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं : अरुण साव

‘निर्माण मंथन’ में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के अभियंताओं को दिया संदेश, सड़क-पुल और भवन निर्माण की आधुनिक तकनीकों पर हुई चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को गति देने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अभियंताओं को नई तकनीक और कार्यप्रणाली से जोड़ने की पहल की है। इसी कड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला ‘निर्माण मंथन’ में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने प्रदेशभर के अभियंताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियंता कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में सक्रिय रहकर भी अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन करें।
रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अभियंता से लेकर उप अभियंता तक शामिल हुए। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के विशेषज्ञों और विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं ने सड़क, पुल एवं भवन निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा प्रक्रिया और सड़कों के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
अभियंता हैं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के शिल्पकार
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग प्रदेश के विकास का ग्रोथ इंजन है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पिछले 26 वर्षों में हुए बदलावों में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अभियंता विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के शिल्पकार हैं और उन्हें अपनी क्षमता, दक्षता एवं काबिलियत से राज्य की अधोसंरचना मजबूत करनी है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ नई तकनीकों और आधुनिक मशीनरी को अपनाना जरूरी है। अभियंताओं को खुद को अपडेट और अपग्रेड करना होगा। निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि खराब या त्रुटिपूर्ण निर्माण से पूरे विभाग की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। इसलिए परंपरागत कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर मौलिकता और तकनीकी दक्षता के साथ काम करें।
फील्ड और फाइल, दोनों का काम रखें दुरुस्त
विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अभियंताओं को टीम वर्क, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में मिली तकनीकी जानकारी को जमीनी स्तर पर लागू करना जरूरी है। अभियंता देशभर में बने उत्कृष्ट सड़कों, पुलों और भवनों का अध्ययन करें तथा एक्सपोजर विजिट के माध्यम से नई तकनीकों को समझें।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के साथ किए गए अनुबंधों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्माण प्रस्ताव तैयार करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट खत्म करने पर विशेष जोर दिया।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के बाद ही हो भुगतान
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने सड़कों की परफॉर्मेंस गारंटी की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी है।
उन्होंने अभियंताओं से कहा कि निर्माण सामग्री और तैयार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का कड़ाई से परीक्षण करें। जांच और निर्धारित मानकों के अनुपालन के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाए। उन्होंने कंसल्टेंट और निर्माण एजेंसियों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अभियंताओं को स्वयं तकनीकी जांच करने की भी सलाह दी। सड़कों की मजबूती के लिए फ्लाई ऐश के उचित उपयोग की जानकारी भी दी गई।
आधुनिक निर्माण तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला में सड़क निर्माण की आधुनिक तकनीकों, रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट, व्हाइट टॉप कंक्रीट, फ्लेक्सिबल पेवमेंट, पुल निर्माण, भवन निर्माण और रखरखाव जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अलावा सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा दस्तावेज तैयार करने, वर्क्स एंड अकाउंट्स मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड सिस्टम (WAMIS), GePNIC और पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण सत्रों में मुख्य अभियंता एसके कोरी, कार्यपालन अभियंता पीके गुप्ता, अपर सचिव एसएन श्रीवास्तव और छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास





