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बंगाल में सत्ता परिवर्तन , ममता युग का अंत, शुभेंदु अधिकारी बनेंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री

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कोलकाता। शुभेंदु अधिकारी अब पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने जा रहे हैं। 15 साल तक मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी को पहले 2021 में नंदीग्राम और फिर 2026 में भवानीपुर में हराने के बाद शुभेंदु बंगाल भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं।

कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार “मैं नहीं, हम” के सिद्धांत पर चलेगी और सामूहिक नेतृत्व को प्राथमिकता देगी।

तृणमूल से भाजपा तक का राजनीतिक सफर

करीब पांच साल पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी बंगाल के बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद रह चुके हैं। उनके भाई दिव्येंदु अधिकारी और सैमेंदु अधिकारी भी सक्रिय राजनीति में हैं।

कांग्रेस से राजनीति शुरू करने वाले शुभेंदु 1998 से 2020 तक तृणमूल कांग्रेस के साथ रहे। ममता सरकार में परिवहन और सिंचाई मंत्री भी रहे। दिसंबर 2020 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा। वह 2009 से 2014 तक तमलुक से सांसद भी रह चुके हैं।

नंदीग्राम आंदोलन से चमका राजनीतिक सितारा

2007-08 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन ने शुभेंदु अधिकारी को राज्य की राजनीति में बड़ा चेहरा बना दिया। इंडोनेशिया के सलीम ग्रुप के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व उन्होंने किया।

14 मार्च 2007 की पुलिस फायरिंग, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई थी, बंगाल की राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इसी आंदोलन ने 34 साल पुराने वाम शासन की नींव हिला दी।

भ्रष्टाचार और संदेशखाली मामलों की जांच के संकेत

मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले ही शुभेंदु अधिकारी ने बड़े फैसलों के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग बनाया जाएगा।

संदेशखाली प्रकरण और आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की जांच के लिए भी अलग आयोग गठित किए जाने की बात कही गई है।

“चरैवेति” होगा नई सरकार का मंत्र

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का “चरैवेति” यानी लगातार आगे बढ़ते रहने का संदेश उनकी सरकार की कार्यशैली का आधार बनेगा।

उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने, विकास कार्यों में तेजी लाने और केंद्र-राज्य समन्वय के जरिए योजनाओं को तेजी से लागू करने का वादा किया।

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा ऐतिहासिक शपथ ग्रहण

कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहली बार भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने जा रहा है।

यह वही मैदान है जहां कभी वाम मोर्चा की विशाल रैलियां हुआ करती थीं। बाद में यही मैदान तृणमूल कांग्रेस की ताकत का प्रतीक बना। अब यहां भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।

शपथ समारोह में दिखेगा बंगाल की संस्कृति का रंग

रवींद्र जयंती के मौके पर होने वाले शपथ समारोह में बंगाल की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। रवींद्र संगीत की प्रस्तुति होगी और मेहमानों के लिए झालमुड़ी, सीताभोग और मिहिदाना जैसे पारंपरिक बंगाली व्यंजन परोसे जाएंगे।