“माड़ बचाओ अभियान” में नारायणपुर पुलिस को बड़ी सफलता, ₹1 करोड़ से ज्यादा कैश और भारी मात्रा में हथियार बरामद

नारायणपुर। नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे “माड़ बचाओ अभियान” के तहत पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, आईटीबीपी और बीएसएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप से ₹1.01 करोड़ से अधिक नकद राशि, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं।
पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद वर्ष 2025-26 में जिले में अब तक कुल 270 हथियार बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में हो रही प्रगति को दर्शाता है।
भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलमुक्त घोषित करने के लक्ष्य के अनुरूप नारायणपुर जिले में लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बीते एक महीने से सुरक्षा बलों द्वारा सुदूर और संवेदनशील इलाकों में सघन सर्चिंग एवं एरिया डोमिनेशन अभियान संचालित किया गया। ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत आसूचना तंत्र के जरिए नक्सलियों के छिपाए गए डंप का पता लगाकर कार्रवाई की गई।
संयुक्त अभियान में AK-47, SLR, इंसास, .303 और .315 रायफल, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस, BGL सेल, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, वॉकीटॉकी, रेडियो सेट, नक्सल वर्दी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई से नक्सलियों की हथियार आपूर्ति, लॉजिस्टिक नेटवर्क और आईईडी निर्माण क्षमता को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों का कहना है कि आने वाले समय में भी इसी तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।
पुलिस ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि जंगलों या आसपास संदिग्ध सामग्री दिखाई देने पर तत्काल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सूचना दें, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाया जा सके।
प्रमुख बरामदगी:
• AK-47 रायफल – 3
• SLR रायफल – 3
• .303 रायफल – 2
• .315 रायफल – 1
• 12 बोर बंदूक – 2
• देशी कट्टा – 2
• AK-47 कारतूस – 113
• SLR कारतूस – 182
• BGL सेल – 132
• इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर – 8
• कॉर्डेक्स वायर – 6 बंडल
• वॉकी-टॉकी सेट – 6
• अन्य विस्फोटक एवं दैनिक उपयोग की सामग्री





