वकीलों की सुरक्षा को लेकर डॉ. चरणदास महंत का तीखा हमला, एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने रायगढ़ जिला बार एसोसिएशन द्वारा वकीलों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि वकीलों की सुरक्षा “भगवान भरोसे” है और डबल इंजन सरकार केवल प्रचार और छवि निर्माण में व्यस्त है। महंत ने आदिवासी महिला अधिवक्ता की हत्या की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जिस संभाग और जिले से मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री सहित सरकार के प्रमुख नेता आते हैं, वहीं इस तरह की गंभीर आपराधिक घटनाएं हो रही हैं और पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया।
डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेश में अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमलों को देखते हुए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू किया जाना चाहिए, ताकि न्यायविद सुरक्षित वातावरण में अपना कार्य कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय अपनी छवि चमकाने और पीआर गतिविधियों में अधिक ध्यान दे रही है।
प्रमुख मांगें:
डॉ. महंत ने मांग की कि आदिवासी महिला अधिवक्ता के हत्यारों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोर सजा दी जाए, अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए तथा रायगढ़ बार एसोसिएशन की सभी न्यायसंगत मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।




