आज का पंचांग 21 मई : आज ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त का समय

रात्रि 08 बजकर 47 मिनट से 10 बजकर 18 मिनट तक।अंग्रेजी तारीख 21 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक। पंचमी तिथि प्रातः 08 बजकर 26 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ। पुष्य नक्षत्र रात्रि 02 बजकर 49 मिनट (22 मई) तक उपरांत अश्लेषा नक्षत्र का आरंभ। गण्ड योग प्रातः 10 बजकर 58 मिनट तक उपरांत वृद्धि योग का आरंभ। बालव करण प्रातः 08 बजकर 26 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात कर्क राशि पर संचार करेगा।
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि
शुक्ल पंचमी –प्रातः 08:26 बजे तक, फिर षष्ठी
योग गण्ड – प्रातः 10:58 बजे तक, फिर वृद्धि
करण बालव – प्रातः 08:26 बजे तक
करण कौलव – सायं 07:20 बजे तक
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय
प्रातः 05:27 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 07:08 बजे
चंद्रोदय का समय प्रातः 09:53 बजे
चंद्रास्त का समय रात्रि 11:54 बजे
आज के व्रत त्योहार पंचमी
आज का शुभ मुहूर्त 21 मई 2026 :
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक।
अमृत काल रात्रि 08 बजकर 47 मिनट से 10 बजकर 18 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 56 मिनट से 4 बजकर 42 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 21 मई 2026 :
दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक यमगंड रहेगा।आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव पुष्य नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पुष्य नक्षत्र: रात्रि 02:49 बजे (22 मई) तक
स्थान: 3°20’ कर्क राशि से 16°40’ कर्क राशि तक
नक्षत्र स्वामी: शनिदेव
राशि स्वामी: चंद्रदेव
देवता: बृहस्पति (देवगुरु)
प्रतीक: गाय का थन या कमल
सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग परोपकारी, परिश्रमी और शांत स्वभाव के होते हैं। दूसरों की देखभाल और पोषण करना इनकी मुख्य विशेषता होती है। ये स्वभाव से न्यायप्रिय, दार्शनिक और आध्यात्मिक विचारों वाले होते हैं।
आज का उपाय: आज देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु की पूजा करें। गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग होने से चने की दाल और पीले फलों का दान करना तथा मस्तक पर केसर का तिलक लगाना अत्यंत कल्याणकारी और शुभ फलदायी रहता है।





