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खान सर को बड़ी राहत: पटना कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक, अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई जारी

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पटना। फायरिंग मामले में नामजद मशहूर शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान (खान सर) को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हत्या के प्रयास और अवैध हथियार इस्तेमाल जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज मामले के बीच कोर्ट के इस फैसले को खान सर के लिए अहम राहत माना जा रहा है।

सोमवार को खान सर की ओर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए दावा किया कि उनके मुवक्किल को जानबूझकर मामले में फंसाया गया है।

सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर भी सुनवाई

इसी मामले में न्यायिक हिरासत में बंद खान सर के दो सुरक्षाकर्मी दीपक कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद कोर्ट ने मामले से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने तलब की केस डायरी

कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और कथित गोलीबारी मामले में अदालत ने पुलिस से केस डायरी और जख्म प्रतिवेदन (इंजरी रिपोर्ट) तलब किया है। फिलहाल दोनों सुरक्षाकर्मी बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।

उधर, इसी प्रकरण में ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुआ था मामला

यह पूरा मामला खान ग्लोबल स्टडीज के परिसर के समीप हुई कथित फायरिंग से जुड़ा है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कदमकुआं थाना पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान खान सर की गिरफ्तारी को लेकर दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी।

बचाव पक्ष का दावा- साजिश के तहत नाम जोड़ा गया

खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत में दलील दी कि घटना के बाद खान ग्लोबल स्टडीज के एक कर्मचारी ने दूसरे कोचिंग संस्थान के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके जवाब में विरोधी पक्ष ने भी एक एफआईआर दर्ज कराई और उसी में खान सर का नाम शामिल कर दिया गया।

बचाव पक्ष का आरोप है कि आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करने वाले सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ खान सर को भी जानबूझकर मामले में घसीटा गया है। अधिवक्ता का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर खान सर के खिलाफ कोई ठोस मामला नहीं बनता और उन्हें केवल परेशान करने के उद्देश्य से नामजद किया गया है।

अब इस मामले में अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।