छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बड़ा बदलाव: राष्ट्रगान के साथ गूंजेगा वंदे मातरम् और राज्यगीत, 16 जून से डिजिटल हाजिरी अनिवार्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र 2026-27 से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभावना से जोड़ने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम्, राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का भी नियमित सामूहिक पाठ कराया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में दिनभर की गतिविधियों को तीन चरणों में विभाजित किया गया है। सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और महापुरुषों की जीवनी का वाचन होगा। मध्याह्न भोजन के समय भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ कराया जाएगा, जबकि छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का वाचन अनिवार्य रहेगा।
विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, नैतिकता और सांस्कृतिक चेतना का विकास होगा। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर इन व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करें। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन और प्राचार्यों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
16 जून से ऑनलाइन हाजिरी और छुट्टी व्यवस्था लागू
स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 16 जून 2026 से ऑनलाइन उपस्थिति और ऑनलाइन अवकाश प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। आदेश के अनुसार, स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी वीएसके ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे, जबकि कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) से हाजिरी लगाएंगे।
‘हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं’
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 16 जून के बाद यदि किसी कर्मचारी की उपस्थिति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज नहीं होती है, तो उसकी उपस्थिति शून्य मानी जाएगी और जून माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) की होगी।
इसके साथ ही अवकाश लेने की प्रक्रिया भी पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। अब सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए केवल एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन और स्वीकृति मान्य होगी। ऑफलाइन छुट्टी आवेदन स्वीकार करने या मंजूर करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।





