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दिव्यता का योग: ट्रांसजेंडर समुदाय संग प्रत्युषा फाउंडेशन ने मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

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रायपुर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रत्युषा फाउंडेशन रायपुर (छत्तीसगढ़) एवं गरिमा गृह, सरोना के संयुक्त तत्वावधान में “दिव्यता का योग” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से स्वास्थ्य, संवेदनशीलता, समावेशिता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना था।

प्रत्युषा फाउंडेशन की संस्थापिका प्रीति दास मिश्रा ने बताया कि संस्था पिछले कई वर्षों से विभिन्न समुदायों के साथ मिलकर योग दिवस का आयोजन करती आ रही है। यह पहल समाज में संवेदनशीलता, समानता और साझा प्रगति की भावना को मजबूत करने का सार्थक प्रयास है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया। इसके बाद योग प्रशिक्षिका के. जय एवं उनकी टीम ने गरिमा गृह में निवासरत ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों तथा प्रत्युषा फाउंडेशन के सदस्यों को ताली योग, सूर्य नमस्कार और चंद्र नमस्कार का अभ्यास कराया। योग के माध्यम से हृदय, लीवर, फेफड़े, किडनी सहित शरीर के आंतरिक अंगों को स्वस्थ एवं सक्रिय रखने की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर प्रीति दास मिश्रा ने शंख मुद्रा, देवदर्शनी मुद्रा, गरुड़ मुद्रा और तितली मुद्रा का अभ्यास कराया तथा इनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि ये मुद्राएं थायराइड, एकाग्रता की कमी, पीसीओडी तथा अनिद्रा जैसी समस्याओं में लाभकारी सिद्ध होती हैं।

मुख्य अतिथि एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व योग आयोग अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि यदि हम स्वयं, समाज और देश को स्वस्थ एवं निरोगी बनाना चाहते हैं तो योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज डॉक्टर भी दवाइयों के साथ नियमित योग करने की सलाह देते हैं।

विशिष्ट अतिथि एवं वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के अध्यक्ष अरविंद ओझा ने कहा कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए, क्योंकि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का आधार है।

कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष सुमन पांडे, उपाध्यक्ष (सांस्कृतिक) अर्चना वोरा, मंजुषा संत, पुष्पा साहू, मंजू सिंह, आयुष मिश्रा, रामवृत तिवारी तथा गरिमा गृह की अध्यक्ष विद्या राजपूत, रीना सिंह, गोविंद सहित गरिमा गृह परिवार के 25 से अधिक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों की आत्मीयता और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक समावेशन को और अधिक मजबूती मिलती है।