केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद छोड़ा पद

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वह केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे।
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। उनका राज्यसभा सदस्य के रूप में छह वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा।
राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद लिया फैसला
मूल रूप से केरल के कोट्टायम जिले के निवासी जॉर्ज कुरियन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। 65 वर्षीय कुरियन अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे।
राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी ने उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केरल में हालिया चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक समीकरणों के चलते पार्टी ने यह फैसला लिया।
भाजपा के संस्थापक दौर से जुड़े नेता
जॉर्ज कुरियन भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जो वर्ष 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से संगठन से जुड़े रहे हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ उन्होंने कानूनी क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दीं।
कानून की पढ़ाई के बाद राजनीति में सक्रियता
20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम में जन्मे जॉर्ज कुरियन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं पूरी की। इसके बाद उन्होंने कानून में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे कुरियन ने भाजपा संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
उनके इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार में उनके विभागों की जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।




