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राजपाल यादव को बड़ा झटका: चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट ने बरकरार रखी 3 महीने की जेल की सजा

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० अपील खारिज, शिकायतकर्ता को 1 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान का आदेश; दो महीने में ऊपरी अदालत जाने की मिली राहत

दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी और तीन महीने की जेल की सजा कायम रखी। अदालत ने उन्हें शिकायतकर्ता को एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट ने खारिज की अपील

दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े मामले में अभिनेता राजपाल यादव की ओर से दायर अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें तीन महीने की जेल की सजा भुगतने का आदेश दिया।

इस फैसले के बाद अभिनेता को दोबारा जेल जाना पड़ सकता है, हालांकि अदालत ने उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए दो महीने का समय भी दिया है।

शिकायतकर्ता को भुगतान का भी आदेश

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने राजपाल यादव को सातों शिकायतों में शिकायतकर्ता को एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिनेता द्वारा पहले जमा कराए गए करीब दो करोड़ रुपये इस राशि में समायोजित किए जाएंगे।

2019 के फैसले को दी थी चुनौती

राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने सेशंस कोर्ट के 2019 के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सेशंस कोर्ट ने अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराया गया था।

कोर्ट ने कई मौके दिए, लेकिन पूरे नहीं हुए वादे

जून 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाई थी। शर्त थी कि वे शिकायतकर्ता के साथ समझौते के लिए ईमानदार प्रयास करेंगे और बकाया राशि का भुगतान करेंगे।

बाद में अदालत ने पाया कि भुगतान को लेकर बार-बार किए गए वादे पूरे नहीं हुए। इसी कारण फरवरी 2026 में हाई कोर्ट ने उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके बाद अभिनेता कथित रूप से समय पर ऋण नहीं चुका सके। कंपनी का आरोप है कि भुगतान के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया गया।

पहले भी जा चुके हैं जेल

इस मामले में निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराकर छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। बाद में हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली, लेकिन शर्तों का पालन नहीं होने पर उन्हें 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा था। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था।अब हाई कोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है।