CG विधानसभा: राहुल गांधी-हिडमा के नाम पर सदन में बवाल, 5 मिनट के लिए स्थगित हुई कार्यवाही

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उस समय सदन में जबरदस्त हंगामा मच गया, जब उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने भाषण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम माओवादी हिडमा के संदर्भ में लिया। विपक्ष ने इस पर तीखा विरोध जताया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी का नाम लेते ही भड़का विपक्ष
अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए विजय शर्मा ने दावा किया कि हिडमा के समर्थन वाले पोस्ट को राहुल गांधी ने रिपोस्ट किया था। इस पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव तुरंत खड़े हो गए और सरकार से इसका प्रमाण मांगा। सत्ता पक्ष ने देवेंद्र यादव की बॉडी लैंग्वेज पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बढ़ते हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
‘महंत को अपने विधायकों से समर्थन लेना पड़ रहा’
विजय शर्मा ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने ही सदस्यों से हाथ उठवाकर समर्थन लेना पड़ रहा है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विभाग छोड़ दिया था, क्योंकि उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी और प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बाधाएं डाली जा रही थीं।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर सरकार का दावा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सर्वे कराने के बावजूद केवल 24 हजार आवास देने की बात कही, जबकि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास देने का वादा पूरा किया। उन्होंने दावा किया कि अब तक 11 लाख आवास बन चुके हैं और प्रतिदिन करीब 1500 नए आवासों का निर्माण हो रहा है।
कांग्रेस सरकार पर घोटालों के आरोप
विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश ने डीएमएफ, पीएससी और कोयला घोटाले देखे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साय सरकार पिछली सरकार की गलत नीतियों को सुधारने का काम कर रही है।
बलौदाबाजार कांड पर भी घमासान
गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठ, धर्मांतरण और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर कांग्रेस चर्चा से बचती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपने आरोप-पत्र में बलौदाबाजार कांड को सतनामी समाज से जोड़ने की कोशिश की है, जबकि घटना में असामाजिक तत्व शामिल थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने आरोप-पत्र से सतनामी समाज का उल्लेख हटाना चाहिए।
इस बयान के बाद विपक्ष ने सरकार पर सतनामी समाज के लोगों को चुन-चुनकर गिरफ्तार करने का आरोप लगाया। जवाब में विजय शर्मा ने कहा कि कार्रवाई केवल असामाजिक तत्वों के खिलाफ हुई है, किसी समाज विशेष के खिलाफ नहीं।
नक्सलवाद पर कांग्रेस को घेरा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस सरकार ने पहले केंद्र का पूरा सहयोग किया होता तो नक्सलवाद काफी पहले खत्म हो सकता था। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो रही है और उसके परिणाम अब प्रदेश के सामने हैं।





