बुनकरों के स्वास्थ्य संरक्षण की पहल: नेत्र परीक्षण शिविर, मुफ्त चश्मे और ईयर प्लग दिए जाएंगे

० मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा पर ग्रामोद्योग विभाग सक्रिय, सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश के बुनकरों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए ग्रामोद्योग विभाग ने विशेष पहल शुरू की है। ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव के मार्गदर्शन में विभाग के सचिव एवं प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा (आईएएस) ने प्रदेश के सभी जिला हाथकरघा अधिकारियों और प्राथमिक बुनकर सहकारी समितियों को नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने, निःशुल्क चश्मा वितरित करने और श्रवण सुरक्षा के लिए ईयर प्लग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विभागीय निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि लगातार करघों पर काम करने से बुनकरों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो रही है, जबकि करघों से निकलने वाले तेज शोर के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव राजेश सिंह राणा ने तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश जारी किए।
264 बुनकरों का स्वास्थ्य परीक्षण, 127 को मिला मुफ्त चश्मा
राजनांदगांव जिले के रेवाडीह गांव में साइटसेवर्स इंडिया और जिला अस्पताल के सहयोग से आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 264 बुनकरों का नेत्र परीक्षण किया गया। इनमें से 127 बुनकरों को निःशुल्क पावर वाले चश्मे वितरित किए गए, जबकि 11 बुनकरों में मोतियाबिंद की पहचान हुई। चिकित्सकों ने उन्हें निःशुल्क ऑपरेशन कराने की सलाह दी है।
प्रदेशभर में लगाए जाएंगे स्वास्थ्य शिविर
ग्रामोद्योग विभाग ने सभी प्राथमिक बुनकर सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेशभर में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इन शिविरों में जरूरतमंद बुनकरों को मुफ्त चश्मे, ईयर प्लग और नेक बैंड उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे ध्वनि प्रदूषण से सुरक्षित रह सकें और बेहतर स्वास्थ्य के साथ अपना कार्य जारी रख सकें।
विभाग का उद्देश्य प्रदेश के बुनकरों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें बेहतर जीवन गुणवत्ता उपलब्ध कराना है।





