रायगढ़ में वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन, MSMEs को बड़े उद्योगों से जोड़ने पर जोर

० RAMP योजना के तहत CSIDC, PHDCCI और जिंदल स्टील की संयुक्त पहल, सरकारी योजनाओं, GeM और वित्तीय सहायता पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
रायगढ़। भारत सरकार की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के तहत 21 और 22 जुलाई को रायगढ़ के जिंदल सेंटर में दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम (VDP) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC), पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) और जिंदल स्टील लिमिटेड ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिंदल स्टील लिमिटेड के हेड कमर्शियल्स सी. प्रभाकरन के स्वागत उद्बोधन से हुआ, जबकि मुख्य अतिथि देबज्योति रॉय, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, जिंदल स्टील लिमिटेड ने औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मजबूत स्थानीय वेंडर इकोसिस्टम औद्योगिक विकास की आधारशिला है और MSMEs नवाचार, रोजगार सृजन तथा अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने MSMEs से कंपनी की खरीद टीमों के साथ जुड़कर दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में RAMP योजना के SPIU के प्रवीण वी. ने बताया कि योजना का उद्देश्य MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना, बाजार तक पहुंच आसान बनाना और तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा देना है। वहीं, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC) रायगढ़ की मुख्य महाप्रबंधक अंजू नाइक ने राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत MSMEs को मिलने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी।
MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय, रायपुर के सहायक निदेशक अरविंद तिवारी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छोटे उद्योगों को बड़े उद्योगों की खरीद प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
जिंदल स्टील के डीजीएम (परचेज) राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कंपनी की वेंडर डेवलपमेंट प्रक्रिया और विभिन्न श्रेणियों की वार्षिक खरीद प्रणाली की जानकारी साझा की। वहीं GeM के प्रशिक्षक राकेश तिवारी ने सरकारी खरीद में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका और MSMEs के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला।
तकनीकी सत्रों में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर, दुर्ग के विशेषज्ञों ने ZED सर्टिफिकेशन योजना की जानकारी दी, जबकि इनवॉयसमार्ट के वरिष्ठ रिलेशनशिप मैनेजर आकाश साहू ने इनवॉयस फाइनेंसिंग और सप्लाई चेन फाइनेंस से जुड़े वित्तीय विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का समापन PHDCCI छत्तीसगढ़ स्टेट चैप्टर के रेजिडेंट डायरेक्टर सुमित दुबे के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश के MSME क्षेत्र को नई दिशा और बेहतर व्यावसायिक अवसर प्रदान करेंगे।





