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Sawan 2026: सावन में क्या खाएं और क्या नहीं? जानिए व्रत और खानपान से जुड़े जरूरी नियम

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० सावन में सात्विक भोजन को माना गया श्रेष्ठ, सोमवार व्रत में इन चीजों से करें परहेज

भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त व्रत, पूजा और सात्विक जीवनशैली अपनाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ आयुर्वेद भी सावन में हल्का और सुपाच्य भोजन करने की सलाह देता है। माना जाता है कि इस महीने खानपान के नियमों का पालन करने से आध्यात्मिक लाभ के साथ स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

सावन में इन चीजों से करें परहेज

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में मांस, मछली, अंडा, शराब और अन्य तामसिक खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। प्याज और लहसुन से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन्हें तामसिक माना गया है।

कई लोग इस महीने दूध और दही का सेवन भी सीमित रखते हैं, क्योंकि कच्चा दूध भगवान शिव के अभिषेक में अर्पित किया जाता है। वहीं आयुर्वेद के अनुसार मानसून में दही और कढ़ी का अधिक सेवन कफ और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है।

इसके अलावा बारिश के मौसम में पालक, मेथी, पत्तागोभी जैसी पत्तेदार सब्जियां और बैंगन खाने से भी बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें संक्रमण और बैक्टीरिया की आशंका अधिक रहती है।

सावन सोमवार व्रत में क्या न खाएं

सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को गेहूं, चावल, मैदा, बेसन और दाल का सेवन नहीं करना चाहिए। सामान्य नमक की जगह केवल सेंधा नमक का उपयोग करना शुभ माना जाता है।

सावन में क्या खाना चाहिए

सावन के दौरान हल्का, सात्विक और सुपाच्य भोजन सबसे अच्छा माना जाता है। लौकी, कद्दू, तोरई और आलू जैसी सब्जियां पाचन के लिए लाभकारी होती हैं। इसके अलावा सेब, केला, पपीता और अनार जैसे ताजे मौसमी फल भी खाए जा सकते हैं। घी में हल्के भुने मखाने भी पौष्टिक और सात्विक आहार का अच्छा विकल्प हैं।

सोमवार व्रत में ये चीजें खा सकते हैं

सावन सोमवार व्रत में सिंघाड़े के आटे, कुट्टू के आटे और राजगिरा के आटे से बने व्यंजन खाए जा सकते हैं। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना खीर, समा के चावल और मखाने भी व्रत में उपयुक्त माने जाते हैं। व्रत के दौरान दिन में फल या मखाने का सेवन करना और शाम को पूजा के बाद एक समय सात्विक भोजन करना बेहतर माना जाता है।