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महिला पहलवान यौन उत्पीड़न मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को किया बरी

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दिल्ली। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में अपना फैसला सुनाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया।

फैसला सुनाए जाने से पहले अदालत पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मैं सिर्फ वही सुनूंगा जो कोर्ट कहेगा। मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है।”

क्या था मामला?

यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था, जब कई शीर्ष महिला पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पहलवानों का आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महिला खिलाड़ियों का यौन शोषण किया।

शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354, 354A, 354D और 506(1) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। 15 जून 2023 को पुलिस ने इस मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया था।

इससे पहले शिकायतकर्ताओं ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की थी। मामले में एक नाबालिग पहलवान की शिकायत भी शामिल थी, लेकिन बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली थी। इसके बाद पॉक्सो (POCSO) मामले में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।

फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण?

अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने 18 जनवरी 2023 को ही इसे एक षड्यंत्र बताया था और उन्हें शुरू से न्यायपालिका पर भरोसा था।

उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे साथ न्याय होगा। मैंने अपने आप को कभी अपराधी महसूस नहीं किया। आज कोर्ट ने मुझे सम्मान के साथ बरी किया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी का दिन है।”

वकील ने क्या कहा?

बृजभूषण शरण सिंह के वकील राजीव मोहन ने कहा कि अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति अभी प्राप्त नहीं हुई है। आदेश मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत ने किन आधारों पर आरोपों से बरी किया है।

हरियाणा कुश्ती संघ अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष रमेश बोहर ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि “अंततः सत्य की जीत हुई है।” उन्होंने दावा किया कि कुश्ती संघ पर नियंत्रण हासिल करने के उद्देश्य से यह पूरा विवाद खड़ा किया गया था।

करण भूषण सिंह ने जताया आभार

बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं अदालत का धन्यवाद करता हूं। यह सच्चाई, युवा पहलवानों और कैसरगंज की जीत है।” उन्होंने उन राजनीतिक दलों से भी सवाल किया जिन्होंने मामले के दौरान उनके पिता की आलोचना की थी।

हालांकि, अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरी किए जाने के पीछे अदालत की विस्तृत कानूनी दलीलें क्या हैं।