छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार: ढाई साल में ₹12,666 करोड़ के 1572 निर्माण कार्य मंजूर

रायपुर। “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ राज्य में अधोसंरचना विकास को गति देने का काम किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग को 12,666 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 1572 कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिली है।
इनमें 1285 सड़क, 247 पुल और 42 भवन निर्माण कार्य शामिल हैं। नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी और अपर सचिव एसएन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
2025-26 में मिली रिकॉर्ड स्वीकृति
अरुण साव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। इस दौरान विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 9129 करोड़ 18 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली, जो राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में विभाग को मिली सबसे बड़ी स्वीकृति है।
इस वर्ष 5129.60 किलोमीटर लंबाई की 754 सड़कें, 200 पुल और 39 भवन, यानी कुल 993 कार्यों को मंजूरी दी गई।
2023-24 और 2024-25 में भी बड़े पैमाने पर काम
वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसंबर 2023 से मार्च 2024 तक 551 करोड़ 42 लाख रुपये के 80 कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें 374 किलोमीटर लंबाई की 72 सड़कें, 6 पुल और 2 भवन शामिल हैं।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2590 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत वाले 438 कार्यों को मंजूरी मिली। इनमें 1465 किलोमीटर लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल है।
2026-27 में अब तक 608 करोड़ की मंजूरी
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक लोक निर्माण विभाग को 608 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसके तहत 608.20 किलोमीटर लंबाई की 59 सड़कों और दो पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
निगरानी के लिए नए कार्यालय
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण कार्यों में तेजी के साथ विभाग के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत 7 नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
जल्द लागू होगा WAMIS
लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही WAMIS (Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा।
इस प्रणाली के जरिए DPR तैयार करने से लेकर कार्य की स्वीकृति समेत विभिन्न प्रक्रियाएं ऑनलाइन और एकीकृत प्रणाली से संचालित होंगी। सरकार का दावा है कि इससे विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा और निर्माण कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारा जा सकेगा।
अरुण साव ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से कामकाज में पारदर्शिता और सुगमता के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी में भी सुधार होगा। सरकार “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ राज्य के अधोसंरचना विकास को नई गति देने के लिए लगातार काम कर रही है।





